📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and Public Relation Department, Govern
कृषि
बिहार सरकार ने जमाबंदी पर बड़ा आदेश जारी, उत्तराधिकारियों की जांच पर कर्मचारियों को निर्देश
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 03 सित. 2026, 06:02 PM
👁 36
बिहार सरकार ने जमाबंदी से संबंधित एक व्यापक आदेश जारी किया, जिसमें राजस्व अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने तथा उत्तराधिकारियों की जाँच पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
बिहार की राजस्व विभाग को जमाबंदी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए एक व्यापक आदेश मिला है, जो भूमि अभिलेखों के नियमित अद्यतन से संबंधित है। इस निर्देश में समय सीमा और गुणवत्ता मानकों को कड़ाई से लागू करने पर ज़ोर दिया गया है, ताकि भूमि स्वामित्व डेटा में देरी और त्रुटियों को कम किया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारी जय सिंह ने विभागीय प्रमुखों और फील्ड कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उत्तराधिकारियों की जाँच को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही से वैध मालिकों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं और कृषि योजना में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
आदेश में निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने का भी उल्लेख है, जिसमें नियमित प्रगति रिपोर्ट और स्पॉट चेक शामिल हैं, ताकि अधिकारी निर्धारित समयसारिणी का पालन करें। सरकार का लक्ष्य पारदर्शिता बढ़ाना और किसानों व भूमि मालिकों के बीच भरोसा स्थापित करना है।
कार्यान्वयन तुरंत शुरू होने वाला है, जहाँ जिला राजस्व अधिकारी जमीनी स्तर पर अनुपालन की देखरेख करेंगे। अधिकारियों को किसी भी चुनौती की सूचना राज्य मुख्यालय को देने का निर्देश दिया गया है, ताकि शीघ्र समाधान हो सके।
किसान संगठनों सहित हितधारकों ने सटीकता पर इस जोर की सराहना की है, क्योंकि विश्वसनीय भूमि अभिलेख ऋण पहुँच, सब्सिडी वितरण और विवाद समाधान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
वरिष्ठ अधिकारी जय सिंह ने विभागीय प्रमुखों और फील्ड कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उत्तराधिकारियों की जाँच को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही से वैध मालिकों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं और कृषि योजना में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
आदेश में निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने का भी उल्लेख है, जिसमें नियमित प्रगति रिपोर्ट और स्पॉट चेक शामिल हैं, ताकि अधिकारी निर्धारित समयसारिणी का पालन करें। सरकार का लक्ष्य पारदर्शिता बढ़ाना और किसानों व भूमि मालिकों के बीच भरोसा स्थापित करना है।
कार्यान्वयन तुरंत शुरू होने वाला है, जहाँ जिला राजस्व अधिकारी जमीनी स्तर पर अनुपालन की देखरेख करेंगे। अधिकारियों को किसी भी चुनौती की सूचना राज्य मुख्यालय को देने का निर्देश दिया गया है, ताकि शीघ्र समाधान हो सके।
किसान संगठनों सहित हितधारकों ने सटीकता पर इस जोर की सराहना की है, क्योंकि विश्वसनीय भूमि अभिलेख ऋण पहुँच, सब्सिडी वितरण और विवाद समाधान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।