📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
बिज़नेस
बिहार ने कैब‑बाइक टैक्सी एग्रीगेटर्स को 30 अक्टूबर तक नियमों का पालन करने का अल्टीमेटम दिया
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 24 अक्टू. 2026, 06:01 AM
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बिहार परिवहन विभाग ने ओला, उबर और रैपिडो सहित कैब‑बाइक टैक्सी कंपनियों को 30 अक्टूबर तक नए नियमों का पालन करने का निर्देश दिया, नहीं तो लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
पटना – बिहार परिवहन विभाग ने ओला, उबर और रैपिडो सहित प्रमुख राइड‑हेलिंग एग्रीगेटर्स को 30 अक्टूबर तक राज्य के परिवहन नियमों का पूर्ण पालन करने का आधिकारिक नोटिस जारी किया। इस निर्देश में चालक पृष्ठभूमि जाँच, वाहन फिटनेस प्रमाणन और किराया पारदर्शिता से संबंधित मौजूदा नियमों को दोहराया गया है और कंपनियों को निर्धारित अवधि में आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
विभाग ने चेतावनी दी कि यदि शर्तों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित सेवाओं के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं। इससे इन कंपनियों की बिहार में कैब और बाइक‑टैक्सी सेवाएँ बंद हो सकती हैं, जिससे यात्रियों और कंपनियों की आय दोनों पर असर पड़ेगा।
पर्यवेक्षक अधिकारियों ने बताया कि यह अल्टीमेटम तेज़ी से बढ़ते साझा‑मोबिलिटी क्षेत्र में सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने एग्रीगेटर्स से स्थानीय अधिकारियों के साथ सहयोग करके नियमित निरीक्षण करवाने और चालक‑वाहन के अद्यतन रिकॉर्ड बनाए रखने को कहा है।
नोटिस में लाइसेंस रद्द करने के अलावा कोई अतिरिक्त दंड नहीं बताया गया, परंतु बाजार पर संभावित प्रभाव बड़ा है, जिससे उद्योग विश्लेषकों ने इस अनुपालन प्रक्रिया को करीब से देखना शुरू कर दिया है।
विभाग ने चेतावनी दी कि यदि शर्तों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित सेवाओं के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं। इससे इन कंपनियों की बिहार में कैब और बाइक‑टैक्सी सेवाएँ बंद हो सकती हैं, जिससे यात्रियों और कंपनियों की आय दोनों पर असर पड़ेगा।
पर्यवेक्षक अधिकारियों ने बताया कि यह अल्टीमेटम तेज़ी से बढ़ते साझा‑मोबिलिटी क्षेत्र में सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने एग्रीगेटर्स से स्थानीय अधिकारियों के साथ सहयोग करके नियमित निरीक्षण करवाने और चालक‑वाहन के अद्यतन रिकॉर्ड बनाए रखने को कहा है।
नोटिस में लाइसेंस रद्द करने के अलावा कोई अतिरिक्त दंड नहीं बताया गया, परंतु बाजार पर संभावित प्रभाव बड़ा है, जिससे उद्योग विश्लेषकों ने इस अनुपालन प्रक्रिया को करीब से देखना शुरू कर दिया है।