📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kumarrakajee
मौसम
बिहार में बाढ़ का कहर: गंगा सहित नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 08 सित. 2026, 12:32 PM
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गंगा और कई नदियों का जलस्तर घटा है पर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है, सड़कें बह रही हैं और डायवर्सन ढह गई है, बाढ़ में फंसे लोगों की स्थिति गंभीर है।
पटना, बिहार – मानसून से उत्पन्न बाढ़ ने राज्य के कई हिस्सों को डुबो दिया है और खतरा अभी भी बना हुआ है। गंगा और कुछ अन्य नदियों का जलस्तर थोड़ा घटा है, पर सभी प्रमुख नदियां अभी भी निर्धारित खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
जिला अधिकारियों के अनुसार कई राष्ट्रीय और ग्रामीण सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं, जिससे यातायात और राहत कार्य बाधित हो रहे हैं। एक अस्थायी डायवर्सन संरचना भी एक जिले में ढह गई, जिससे स्थानीय बाढ़ और बढ़ गई है।
बाढ़ में फंसे लोगों ने कठिन परिस्थितियों की सूचना दी है; कई लोगों को आश्रय, भोजन और साफ़ पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। राहत एजेंसियां संसाधन जुटा रही हैं, पर उच्च जलस्तर के कारण सहायता का वितरण धीमा हो रहा है।
प्राधिकरण ने लोगों से निचले इलाकों से दूर रहने और बचाव दलों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। नदी के जलस्तर की निरंतर निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संभावित वृद्धि का समय पर पता चल सके।
जिला अधिकारियों के अनुसार कई राष्ट्रीय और ग्रामीण सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं, जिससे यातायात और राहत कार्य बाधित हो रहे हैं। एक अस्थायी डायवर्सन संरचना भी एक जिले में ढह गई, जिससे स्थानीय बाढ़ और बढ़ गई है।
बाढ़ में फंसे लोगों ने कठिन परिस्थितियों की सूचना दी है; कई लोगों को आश्रय, भोजन और साफ़ पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। राहत एजेंसियां संसाधन जुटा रही हैं, पर उच्च जलस्तर के कारण सहायता का वितरण धीमा हो रहा है।
प्राधिकरण ने लोगों से निचले इलाकों से दूर रहने और बचाव दलों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। नदी के जलस्तर की निरंतर निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संभावित वृद्धि का समय पर पता चल सके।