📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NI 3003
विज्ञान
बिहार के इंजीनियर की बनाई 502 ग्राम की 'मीरा' कैमरा अब अंतरिक्ष से लगेगी नज़र
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 07 अक्टू. 2026, 06:47 PM
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समस्तीपुर, बिहार के युवा इंजीनियर संजय कुमार द्वारा विकसित 502 ग्राम वजन की 'मीरा' कैमरा तकनीक अब अंतरिक्ष से धरती की तस्वीरें और महत्वपूर्ण डेटा जुटाएगी।
बिहार के एक युवा इंजीनियर ने अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। समस्तीपुर के संजय कुमार ने 'मीरा' नामक एक हल्के वजन वाला कैमरा सिस्टम विकसित किया है, जिसे कक्षा में उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस उपकरण का वजन केवल 502 ग्राम है, जो इसे अंतरिक्ष मिशन के लिए बेहद उपयुक्त बनाता है।
'मीरा' कैमरे में नौ मल्टीस्पेक्ट्रल बैंड की क्षमता शामिल है, जिससे यह विभिन्न तरंग दैर्ध्य पर विस्तृत छवियां और डेटा कैप्चर कर सकता है। यह विशेषता पृथ्वी की सतह और पर्यावरणीय स्थितियों के बारे में उच्च गुणवत्ता वाली जानकारी जुटाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह तकनीक जटिल इमेजिंग सिस्टम को अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के लिए छोटे और हल्के बनाने में एक बड़ी कदम है।
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक विश्लेषण और निगरानी के लिए महत्वपूर्ण डेटा एकत्रित करना है। अंतरिक्ष से संचालित होने के कारण, यह कैमरा ज़मीनी आधारित सिस्टम की तुलना में एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करेगा। यह परियोजना भारतीय इंजीनियरों की अंतरिक्ष खोज और रिमोट सेंसिंग तकनीक के क्षेत्र में बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
'मीरा' कैमरे में नौ मल्टीस्पेक्ट्रल बैंड की क्षमता शामिल है, जिससे यह विभिन्न तरंग दैर्ध्य पर विस्तृत छवियां और डेटा कैप्चर कर सकता है। यह विशेषता पृथ्वी की सतह और पर्यावरणीय स्थितियों के बारे में उच्च गुणवत्ता वाली जानकारी जुटाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह तकनीक जटिल इमेजिंग सिस्टम को अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के लिए छोटे और हल्के बनाने में एक बड़ी कदम है।
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक विश्लेषण और निगरानी के लिए महत्वपूर्ण डेटा एकत्रित करना है। अंतरिक्ष से संचालित होने के कारण, यह कैमरा ज़मीनी आधारित सिस्टम की तुलना में एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करेगा। यह परियोजना भारतीय इंजीनियरों की अंतरिक्ष खोज और रिमोट सेंसिंग तकनीक के क्षेत्र में बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।