📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने एनडीए बैठक में एमएलसी चुनाव को लेकर सीधी चेतावनी दी
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 09 अक्टू. 2026, 06:16 PM
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मुख्य मंत्री सम्राट चौधरी ने 45 मिनट की बैठक में एनडीए सहयोगियों को आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर बढ़ते मतभेदों पर चेतावनी दी।
बिहार में आगामी विधायी परिषद (एमएलसी) चुनाव ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर स्पष्ट मतभेद उत्पन्न कर दिए हैं, जिससे गठबंधन ने विभिन्न स्तरों पर कई समन्वय बैठकों का आयोजन किया है। पटना में आयोजित नवीनतम बैठक में 45 मिनट तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गठबंधन के सदस्यों को संबोधित कर इस आंतरिक चुनौती का स्पष्ट आकलन किया।
बैठक में सीएम ने एकता की आवश्यकता पर बल दिया और चेतावनी दी कि आगे का कोई भी मतभेद गठबंधन की चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुँचा सकता है। उन्होंने पार्टी नेताओं और विधायकों से अपील की कि वे अपनी रणनीतियों को मिलाकर सार्वजनिक टकराव से बचें, जिससे विपक्षी दलों को फायदा न मिले।
एनडीए के वरिष्ठ विधायकों, जिनमें अनंत और आरएलएम नामक व्यक्तियों का उल्लेख किया गया, के रुख को भी इस सत्र में ध्यान से देखा गया, जो गठबंधन के भीतर विभिन्न विचारों को दर्शाते हैं। सीएम ने इन मतभेदों को सुलझाकर चुनाव से पहले समर्थन को मजबूत करने का प्रयास किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक एनडीए के आंतरिक गतिशीलता को संभालने और एमएलसी चुनाव में एकजुट मोर्चा पेश करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इन चर्चाओं के परिणाम से आगामी उम्मीदवार चयन और प्रचार रणनीतियों पर असर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री की सीधी चेतावनी बिहार के एमएलसी चुनावों की उच्च दांव को रेखांकित करती है और गठबंधन की इस संघर्ष को सुलझाने की दृढ़ता को दर्शाती है।
बैठक में सीएम ने एकता की आवश्यकता पर बल दिया और चेतावनी दी कि आगे का कोई भी मतभेद गठबंधन की चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुँचा सकता है। उन्होंने पार्टी नेताओं और विधायकों से अपील की कि वे अपनी रणनीतियों को मिलाकर सार्वजनिक टकराव से बचें, जिससे विपक्षी दलों को फायदा न मिले।
एनडीए के वरिष्ठ विधायकों, जिनमें अनंत और आरएलएम नामक व्यक्तियों का उल्लेख किया गया, के रुख को भी इस सत्र में ध्यान से देखा गया, जो गठबंधन के भीतर विभिन्न विचारों को दर्शाते हैं। सीएम ने इन मतभेदों को सुलझाकर चुनाव से पहले समर्थन को मजबूत करने का प्रयास किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक एनडीए के आंतरिक गतिशीलता को संभालने और एमएलसी चुनाव में एकजुट मोर्चा पेश करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इन चर्चाओं के परिणाम से आगामी उम्मीदवार चयन और प्रचार रणनीतियों पर असर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री की सीधी चेतावनी बिहार के एमएलसी चुनावों की उच्च दांव को रेखांकित करती है और गठबंधन की इस संघर्ष को सुलझाने की दृढ़ता को दर्शाती है।