📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Goutam1962
जीवनशैली
बिहार: छठ से पहले परेव की पीतल नगरी में बर्तनों की मांग में उछाल
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 30 अक्टू. 2026, 05:03 PM
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दीपावली और छठ पूजा के आगमन के साथ पटना के परेव गांव में पीतल के बर्तनों की मांग बढ़ गई है, जिससे स्थानीय कारीगरों की व्यस्तता बढ़ी है।
दीपावली और छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के आगमन से बिहार में परंपरागत पीतल के बर्तनों की मांग में स्पष्ट वृद्धि देखी गई है। इस मौसमी वृद्धि से विशेष रूप से पटना से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित परेव गांव के कारीगरों को लाभ हुआ है। यह गांव सदियों से इन धातुओं के बर्तनों के निर्माण की अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध है और क्षेत्र के लिए एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता का काम करता है।
त्योहारों के करीब आने के साथ, परेव के स्थानीय कार्यशालाएं बढ़ती खपत को पूरा करने के लिए पूर्ण क्षमता पर काम कर रही हैं। धार्मिक अनुष्ठानों और घरेलू उपयोग के लिए पीतल के सामानों का प्रयोग करने की परंपरा मजबूत बनी हुई है, जिससे इन हाथ से बनाए गए सामानों के बाजार को बढ़ावा मिल रहा है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, पिछले महीनों की तुलना में ऑर्डर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
परेव में पीतल के बर्तनों का कारीगरी स्थानीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो कई परिवारों को रोजगार प्रदान करता है। आगामी छठ पूजा, जो बिहार में विशेष सांस्कृतिक महत्व रखती है, के कारण अनुष्ठानिक सामानों की मांग त्योहार समाप्त होने तक उच्च रहने की उम्मीद है।
त्योहारों के करीब आने के साथ, परेव के स्थानीय कार्यशालाएं बढ़ती खपत को पूरा करने के लिए पूर्ण क्षमता पर काम कर रही हैं। धार्मिक अनुष्ठानों और घरेलू उपयोग के लिए पीतल के सामानों का प्रयोग करने की परंपरा मजबूत बनी हुई है, जिससे इन हाथ से बनाए गए सामानों के बाजार को बढ़ावा मिल रहा है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, पिछले महीनों की तुलना में ऑर्डर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
परेव में पीतल के बर्तनों का कारीगरी स्थानीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो कई परिवारों को रोजगार प्रदान करता है। आगामी छठ पूजा, जो बिहार में विशेष सांस्कृतिक महत्व रखती है, के कारण अनुष्ठानिक सामानों की मांग त्योहार समाप्त होने तक उच्च रहने की उम्मीद है।