Agriculture
बहेड़ी में 30 अक्टूबर को गन्ना भुगतान मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन, बार एसोसिएशन ने दिया पूर्ण समर्थन
बहेड़ी बार एसोसिएशन ने केसर शुगर मिल के बकाया गन्ना भुगतान को लेकर 30 अक्टूबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन का पूर्ण समर्थन किया, जिससे किसानों की आर्थिक समस्या का समाधान माँगा गया।
बरेली जिले के बहेड़ी में 30 अक्टूबर को नई गन्ना सोसाइटी में गन्ना भुगतान के मुद्दे को लेकर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस आंदोलन के समर्थन में बहेड़ी बार एसोसिएशन ने अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रामेन्द्र सिंह ने नीड 24 न्यूज़ को बताया कि एसोसिएशन किसानों के हक की रक्षा हेतु इस धरना को समर्थन देगा और सभी संबंधित पक्षों से शीघ्र समाधान की अपील करेगा।
किसानों का मुख्य आरोप है कि केसर शुगर मिल ने गन्ना की बकाया राशि का भुगतान लगातार विलंबित किया है और नीलामी कई बार स्थगित होने से किसानों की आय में बाधा उत्पन्न हुई है। इस कारण आर्थिक संकट में फँसे किसानों में नाराज़गी बढ़ी है।
विभिन्न वर्गों से मिलने वाले समर्थन के बीच अब सभी की नज़रें 30 अक्टूबर को होने वाले धरना-प्रदर्शन पर टिकी हैं, जिससे सरकार और मिल प्रबंधन पर दबाव बढ़ेगा कि वे बकाया भुगतान को शीघ्रता से निपटाएँ।
किसानों की आवाज़ को जनहित की बात मानते हुए, इस आंदोलन के सफल निष्पादन से क्षेत्र में कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की आशा की जा रही है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रामेन्द्र सिंह ने नीड 24 न्यूज़ को बताया कि एसोसिएशन किसानों के हक की रक्षा हेतु इस धरना को समर्थन देगा और सभी संबंधित पक्षों से शीघ्र समाधान की अपील करेगा।
किसानों का मुख्य आरोप है कि केसर शुगर मिल ने गन्ना की बकाया राशि का भुगतान लगातार विलंबित किया है और नीलामी कई बार स्थगित होने से किसानों की आय में बाधा उत्पन्न हुई है। इस कारण आर्थिक संकट में फँसे किसानों में नाराज़गी बढ़ी है।
विभिन्न वर्गों से मिलने वाले समर्थन के बीच अब सभी की नज़रें 30 अक्टूबर को होने वाले धरना-प्रदर्शन पर टिकी हैं, जिससे सरकार और मिल प्रबंधन पर दबाव बढ़ेगा कि वे बकाया भुगतान को शीघ्रता से निपटाएँ।
किसानों की आवाज़ को जनहित की बात मानते हुए, इस आंदोलन के सफल निष्पादन से क्षेत्र में कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की आशा की जा रही है।