📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anchal lilhare
धर्म
उज्जैन महाकाल मंदिर में भस्म आरती: सूर्य‑चंद्रमा सजे बाबा महाकाल, त्रिनेत्र खुला
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 09 सित. 2026, 09:39 AM
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बुधवार की भस्म आरती में महाकाल के स्वरूप को सूर्य‑चंद्रमा व त्रिपुंड से सजाया गया, त्रिनेत्र खुलने से भक्तों में उत्सव की लहर दौड़ी।
उज्जैन के महाकाल मंदिर ने बुधवार सुबह अपनी साप्ताहिक भस्म आरती का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। यह अनुष्ठान मंदिर के दैनिक कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा है, जिसमें देवता को पवित्र भस्म अर्पित किया जाता है और पारम्परिक भजनों का गायन किया जाता है।
इस बार पुजारीयों ने विशेष शृंगार किया, जहाँ बाबा महाकाल की मूर्ति को सूर्य‑चंद्रमा के सोने के रूपांकनों और त्रिशूल से सजाया गया। यह सजावट ब्रह्मांडीय संतुलन और समय पर देवता के सर्वशक्तिमान अधिकार का प्रतीक मानी जाती है।
आरती के मध्य में मूर्ति के त्रिनेत्र को औपचारिक रूप से खोला गया, जिसे भक्तों ने दिव्य संकेत माना। त्रिनेत्र से निकलती तेजस्वी रोशनी ने उपस्थित लोगों में विस्मय की लहर दौड़ा दी।
भस्म अर्पण के बाद मंदिर “जय श्री महाकाल” के जयकारों से गूँज उठा, जिससे सभी श्रद्धालुओं की सामूहिक भक्ति और भी प्रबल हुई।
इस बार पुजारीयों ने विशेष शृंगार किया, जहाँ बाबा महाकाल की मूर्ति को सूर्य‑चंद्रमा के सोने के रूपांकनों और त्रिशूल से सजाया गया। यह सजावट ब्रह्मांडीय संतुलन और समय पर देवता के सर्वशक्तिमान अधिकार का प्रतीक मानी जाती है।
आरती के मध्य में मूर्ति के त्रिनेत्र को औपचारिक रूप से खोला गया, जिसे भक्तों ने दिव्य संकेत माना। त्रिनेत्र से निकलती तेजस्वी रोशनी ने उपस्थित लोगों में विस्मय की लहर दौड़ा दी।
भस्म अर्पण के बाद मंदिर “जय श्री महाकाल” के जयकारों से गूँज उठा, जिससे सभी श्रद्धालुओं की सामूहिक भक्ति और भी प्रबल हुई।