Crime
बहराइच के मरी माता मंदिर के शौचालय में लावारिस नवजात बच्ची मिली, पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया
बहराइच के मरी माता मंदिर के शौचालय में लावारिस नवजात बच्ची मिली, पुलिस और चाइल्ड लाइन ने उसे अस्पताल पहुंचाकर उपचार करवाया।
बहराइच के रामगांव थाना क्षेत्र के श्री मरी माता मंदिर के शौचालय में मंगलवार को लावारिस नवजात बच्ची मिली, जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। नवरात्र के पावन अवसर पर माँ दुर्गा की पूजा‑अर्चना चल रही थी, तभी शौचालय में बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी।
आवाज़ सुनकर स्थानीय लोगों ने तुरंत स्थल पर पहुंचा और बच्ची को अकेला और असहाय पाया। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना प्राप्त होते ही रामगांव थाना प्रभारी दिवाकर तिवारी ने पुलिस टीम एवं चाइल्ड लाइन की सहायता के लिये भेजी।
पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्ची को सुरक्षित रूप से अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, जहाँ उसकी चिकित्सा देखभाल शुरू की गई। बच्ची को छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है और जांच जारी है।
इस घटना ने नवरात्र जैसे सामाजिक‑धार्मिक माहौल में नवजात बालिका की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी पर प्रश्न उठाए हैं। यदि कोई परिवार बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ हो, तो बाल कल्याण समिति या अधिकृत दत्तक एजेंसी के माध्यम से कानूनी सहायता ली जानी चाहिए।
अधिकारीयों ने कहा कि लावारिस बच्चे को किसी भी असुरक्षित स्थान पर छोड़ना गंभीर अपराध है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समाज को भी बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को केवल त्यौहार तक सीमित नहीं रखना चाहिए।
आवाज़ सुनकर स्थानीय लोगों ने तुरंत स्थल पर पहुंचा और बच्ची को अकेला और असहाय पाया। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना प्राप्त होते ही रामगांव थाना प्रभारी दिवाकर तिवारी ने पुलिस टीम एवं चाइल्ड लाइन की सहायता के लिये भेजी।
पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्ची को सुरक्षित रूप से अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, जहाँ उसकी चिकित्सा देखभाल शुरू की गई। बच्ची को छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है और जांच जारी है।
इस घटना ने नवरात्र जैसे सामाजिक‑धार्मिक माहौल में नवजात बालिका की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी पर प्रश्न उठाए हैं। यदि कोई परिवार बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ हो, तो बाल कल्याण समिति या अधिकृत दत्तक एजेंसी के माध्यम से कानूनी सहायता ली जानी चाहिए।
अधिकारीयों ने कहा कि लावारिस बच्चे को किसी भी असुरक्षित स्थान पर छोड़ना गंभीर अपराध है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समाज को भी बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को केवल त्यौहार तक सीमित नहीं रखना चाहिए।