स्वास्थ्य
बिहार में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने का शुल्क तय, 21 दिनों तक मुफ्त; देरी होने पर लगेगा 2 से 10 रुपये तक जुर्माना.....
बिहार में बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र या किसी व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अब समयसीमा के हिसाब से शुल्क देना होगा। योजना एवं विकास विभाग ने इसके लिए शुल्क और दिशा-निर्दे
बिहार में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने का शुल्क तय, 21 दिनों तक मुफ्त; देरी होने पर लगेगा 2 से 10 रुपये तक जुर्माना.....
बिहार में बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र या किसी व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अब समयसीमा के हिसाब से शुल्क देना होगा। योजना एवं विकास विभाग ने इसके लिए शुल्क और दिशा-निर्देश तय कर दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत जन्म के 21 दिनों के भीतर प्रमाणपत्र बनवाने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके बाद देरी होने पर निर्धारित विलंब शुल्क देना होगा।
जन्म प्रमाणपत्र 21 से 30 दिनों के बीच बनवाने पर 2 रुपये और 30 दिनों से अधिक लेकिन एक साल के भीतर बनवाने पर 5 रुपये विलंब शुल्क लगेगा। मृत्यु प्रमाणपत्र भी 21 दिनों के भीतर निःशुल्क बनेगा। एक साल बाद मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने पर 10 रुपये विलंब शुल्क देना होगा।
प्रमाणपत्र कहां से बनेगा, यह भी क्षेत्र के हिसाब से तय किया गया है। ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायत, नगर पंचायत क्षेत्र में प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी और नगर निगम व नगर परिषद क्षेत्र में सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी के कार्यालय से प्रमाणपत्र जारी होगा। यदि बच्चे का जन्म निजी अस्पताल या नर्सिंग होम में हुआ है, तो वहां से जारी प्रमाणपत्र संबंधित कार्यालय में देना होगा।
मुख्य बातें:
🔹जन्म के 21 दिनों के भीतर प्रमाणपत्र बनवाना पूरी तरह निःशुल्क।
🔹21 से 30 दिनों के बीच जन्म प्रमाणपत्र पर 2 रुपये विलंब शुल्क।
🔹30 दिनों से अधिक और एक साल के भीतर जन्म प्रमाणपत्र पर 5 रुपये शुल्क।
🔹मृत्यु प्रमाणपत्र 21 दिनों तक मुफ्त; एक साल बाद बनवाने पर 10 रुपये विलंब शुल्क।
🔹निजी अस्पताल या नर्सिंग होम में जन्म होने पर वहां से जारी प्रमाणपत्र देना होगा।
आपके यहां जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया कितनी आसान है? अपना अनुभव कमेंट में बताएं और यह जानकारी जरूरतमंद लोगों तक साझा करें।
बिहार में बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र या किसी व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अब समयसीमा के हिसाब से शुल्क देना होगा। योजना एवं विकास विभाग ने इसके लिए शुल्क और दिशा-निर्देश तय कर दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत जन्म के 21 दिनों के भीतर प्रमाणपत्र बनवाने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके बाद देरी होने पर निर्धारित विलंब शुल्क देना होगा।
जन्म प्रमाणपत्र 21 से 30 दिनों के बीच बनवाने पर 2 रुपये और 30 दिनों से अधिक लेकिन एक साल के भीतर बनवाने पर 5 रुपये विलंब शुल्क लगेगा। मृत्यु प्रमाणपत्र भी 21 दिनों के भीतर निःशुल्क बनेगा। एक साल बाद मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने पर 10 रुपये विलंब शुल्क देना होगा।
प्रमाणपत्र कहां से बनेगा, यह भी क्षेत्र के हिसाब से तय किया गया है। ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायत, नगर पंचायत क्षेत्र में प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी और नगर निगम व नगर परिषद क्षेत्र में सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी के कार्यालय से प्रमाणपत्र जारी होगा। यदि बच्चे का जन्म निजी अस्पताल या नर्सिंग होम में हुआ है, तो वहां से जारी प्रमाणपत्र संबंधित कार्यालय में देना होगा।
मुख्य बातें:
🔹जन्म के 21 दिनों के भीतर प्रमाणपत्र बनवाना पूरी तरह निःशुल्क।
🔹21 से 30 दिनों के बीच जन्म प्रमाणपत्र पर 2 रुपये विलंब शुल्क।
🔹30 दिनों से अधिक और एक साल के भीतर जन्म प्रमाणपत्र पर 5 रुपये शुल्क।
🔹मृत्यु प्रमाणपत्र 21 दिनों तक मुफ्त; एक साल बाद बनवाने पर 10 रुपये विलंब शुल्क।
🔹निजी अस्पताल या नर्सिंग होम में जन्म होने पर वहां से जारी प्रमाणपत्र देना होगा।
आपके यहां जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया कितनी आसान है? अपना अनुभव कमेंट में बताएं और यह जानकारी जरूरतमंद लोगों तक साझा करें।