बिज़नेस
भोपाल में स्वदेशी व्यापारी मंच की राष्ट्रीय बैठक, प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संदेश पर चर्चा
MPCST विज्ञान भवन में आयोजित स्वदेशी व्यापारी मंच की राष्ट्रीय बैठक में देशभर के व्यापारी प्रतिनिधियों ने आत्मनिर्भर भारत और Vocal for Local के लक्ष्य पर विचार‑विमर्श किया।
भोपाल के MPCST विज्ञान भवन में स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में स्वदेशी व्यापारी मंच की राष्ट्रीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें अखिल भारतीय संगठक श्री कश्मीरी लाल, अखिल भारतीय सह‑संघटक श्री सतीश कुमार, अखिल भारतीय सह‑संयोजक श्री अजय पाटकी तथा देशभर से आए व्यापारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में कहा गया कि स्वदेशी आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘Vocal for Local’ के राष्ट्रीय जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। ‘हर घर स्वदेशी’ और स्वदेशी मेले केवल अभियान नहीं, बल्कि भारतीय उत्पादकों, निर्माताओं और व्यापारियों के लिए मजबूत घरेलू बाजार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार हैं।
स्वदेशी उत्पादों को घरेलू बाजार में मजबूती देने के साथ‑साथ उन्हें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। इस दिशा में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, एकल उत्पाद पर ध्यान (ODOP) और ₹200 करोड़ तक के सरकारी टेंडरों में ग्लोबल टेंडरिंग पर रोक जैसे कदमों को रेखांकित किया गया।
ONDC के DigiDukaan को स्वदेशी व्यापारी को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया। B2B व्यवस्था के माध्यम से थोक विक्रेता, वितरक और खुदरा व्यापारी को व्यापक बाजार पहुँच और नए व्यावसायिक अवसर मिल रहे हैं।
स्वदेशी आर्थिक राष्ट्रनिर्माण का संकल्प है; जब भारतीय व्यापारी स्वदेशी को आगे बढ़ाएगा, नागरिक स्वदेशी खरीदेगा और हमारे उत्पाद स्थानीय से वैश्विक स्तर पर पहुँचेंगे, तभी आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत 2047 की यात्रा सुदृढ़ होगी।
बैठक में कहा गया कि स्वदेशी आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘Vocal for Local’ के राष्ट्रीय जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। ‘हर घर स्वदेशी’ और स्वदेशी मेले केवल अभियान नहीं, बल्कि भारतीय उत्पादकों, निर्माताओं और व्यापारियों के लिए मजबूत घरेलू बाजार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार हैं।
स्वदेशी उत्पादों को घरेलू बाजार में मजबूती देने के साथ‑साथ उन्हें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। इस दिशा में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, एकल उत्पाद पर ध्यान (ODOP) और ₹200 करोड़ तक के सरकारी टेंडरों में ग्लोबल टेंडरिंग पर रोक जैसे कदमों को रेखांकित किया गया।
ONDC के DigiDukaan को स्वदेशी व्यापारी को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया। B2B व्यवस्था के माध्यम से थोक विक्रेता, वितरक और खुदरा व्यापारी को व्यापक बाजार पहुँच और नए व्यावसायिक अवसर मिल रहे हैं।
स्वदेशी आर्थिक राष्ट्रनिर्माण का संकल्प है; जब भारतीय व्यापारी स्वदेशी को आगे बढ़ाएगा, नागरिक स्वदेशी खरीदेगा और हमारे उत्पाद स्थानीय से वैश्विक स्तर पर पहुँचेंगे, तभी आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत 2047 की यात्रा सुदृढ़ होगी।