भानपुरा में सूर्यवंशी कुमरावत तंबोली समाज ने आराध्य देव केशुबावजी महाराज का पाँच दिवसीय विवाह महोत्सव मनाया
भानपुरा के तंबोली मोहल्ले में आराध्य देव केशुबावजी महाराज का विवाह महोत्सव 21 से 25 अक्टूबर तक धूमधाम से आयोजित किया गया।
भानपुरा के तंबोली मोहल्ले में सूर्यवंशी कुमरावत तंबोली समाज ने आराध्य देव केशुबावजी महाराज का पाँच दिवसीय विवाह महोत्सव 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर शरद पूर्णिमा तक धूमधाम से मनाया।
बुधवार शाम को छोटा महादेव मार्ग स्थित समाज की कुलदेवी मां नागर माता तीर्थ धाम परिसर में समाज जनों की भारी उपस्थिति में कुलदेवी मां नाना देवी की आरती के बाद जयकारों के साथ आराध्य देव केशुबावजी महाराज की प्राकृतिक वनस्पतियों से लगभग 6 फीट ऊँची प्रतिमा बनाई गई, जिसे दूल्हे के रूप में सजाया गया।
आरती के पश्चात बैंड, बाजा, ढोल व आतिशबाजी के साथ शोभायात्रा नागर माता तीर्थ धाम परिसर से निकलकर रामपुरा गेट परिसर पहुँची, जहाँ समाज के अखाड़े के बाल कलाकारों एवं पहलवानों ने आकर्षक प्रदर्शन किया।
शरद पूर्णिमा को आराध्य देव के विवाह विधि विधान के साथ अर्धरात्रि के बाद सम्पन्न हुआ और महोत्सव का समापन हुआ।
पूरे तंबोली मोहल्ले से लेकर विजय स्तंभ तक विद्युत सज्जा, तोरण द्वारों से आकर्षक रूप से सजाया गया, जिससे पूरे समाज में उत्सवी माहौल बना रहा।
बुधवार शाम को छोटा महादेव मार्ग स्थित समाज की कुलदेवी मां नागर माता तीर्थ धाम परिसर में समाज जनों की भारी उपस्थिति में कुलदेवी मां नाना देवी की आरती के बाद जयकारों के साथ आराध्य देव केशुबावजी महाराज की प्राकृतिक वनस्पतियों से लगभग 6 फीट ऊँची प्रतिमा बनाई गई, जिसे दूल्हे के रूप में सजाया गया।
आरती के पश्चात बैंड, बाजा, ढोल व आतिशबाजी के साथ शोभायात्रा नागर माता तीर्थ धाम परिसर से निकलकर रामपुरा गेट परिसर पहुँची, जहाँ समाज के अखाड़े के बाल कलाकारों एवं पहलवानों ने आकर्षक प्रदर्शन किया।
शरद पूर्णिमा को आराध्य देव के विवाह विधि विधान के साथ अर्धरात्रि के बाद सम्पन्न हुआ और महोत्सव का समापन हुआ।
पूरे तंबोली मोहल्ले से लेकर विजय स्तंभ तक विद्युत सज्जा, तोरण द्वारों से आकर्षक रूप से सजाया गया, जिससे पूरे समाज में उत्सवी माहौल बना रहा।