Health
भिण्ड में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक: कलेक्टर ने डिलीवरी पॉइंट पर 100% सामग्री सुनिश्चित करने का निर्देश
कलेक्टर पवन कुमार जैन ने भिण्ड कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें डिलीवरी पॉइंट पर सामग्री की पूर्ण उपलब्धता, पेंडिंग शिकायतों का शीघ्र निपटारा और एएनसी पंजीकरण बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर पवन कुमार जैन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारियों ने भिण्ड कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की। उपस्थित में सीएमएचओ डॉ जे.एस. यादव, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ आर.के. मिश्रा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी‑1 डॉ आर.एस. सेमिल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी‑2 डॉ आलोक शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी‑3 डॉ डी.के. शर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ शिवरामसिंह कुशवाह, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ गौरव भटनागर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती ज्योति अंसोलिया तथा ब्लॉक स्तर के सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्रम प्रबंधक, कम्यूनिटी मोबिलाइज़र और बंधपत्र चिकित्सा अधिकारी शामिल रहे।
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए पेंडिंग शिकायतों का त्वरित निराकरण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकतम 161 शिकायतों को 15 दिनों के भीतर संतोषजनक रूप से बंद किया जाना चाहिए, अन्यथा वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने जिले के सभी डिलीवरी पॉइंट की स्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिया कि प्रत्येक पॉइंट पर डिलीवरी हेतु आवश्यक सामग्री शत‑प्रतिशत उपलब्ध हो और केवल आवश्यकता होने पर ही रेफ़र किया जाए। साथ ही गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीकरण प्रतिशत को बढ़ाने हेतु सभी बीएमओ को सक्रिय करने का आदेश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न योजनाओं की शत‑प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने हेतु हर महीने एक दिन महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ के साथ समन्वय बैठकों का आयोजन करने का निर्देश दिया गया। ये बैठकें एसडीएम की अध्यक्षता में होंगी, जिससे एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच निरंतर सहयोग बना रहे।
बैठक के अंत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जे.एस. यादव ने जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं, उनके कर्मचारियों और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की, जिससे आगे की सुधारात्मक कार्रवाई के लिए आधार तैयार हुआ।
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए पेंडिंग शिकायतों का त्वरित निराकरण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकतम 161 शिकायतों को 15 दिनों के भीतर संतोषजनक रूप से बंद किया जाना चाहिए, अन्यथा वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने जिले के सभी डिलीवरी पॉइंट की स्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिया कि प्रत्येक पॉइंट पर डिलीवरी हेतु आवश्यक सामग्री शत‑प्रतिशत उपलब्ध हो और केवल आवश्यकता होने पर ही रेफ़र किया जाए। साथ ही गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीकरण प्रतिशत को बढ़ाने हेतु सभी बीएमओ को सक्रिय करने का आदेश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न योजनाओं की शत‑प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने हेतु हर महीने एक दिन महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ के साथ समन्वय बैठकों का आयोजन करने का निर्देश दिया गया। ये बैठकें एसडीएम की अध्यक्षता में होंगी, जिससे एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच निरंतर सहयोग बना रहे।
बैठक के अंत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जे.एस. यादव ने जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं, उनके कर्मचारियों और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की, जिससे आगे की सुधारात्मक कार्रवाई के लिए आधार तैयार हुआ।