धर्म
भागवत कथा के सातवें दिन भगवान कृष्ण के विवाह और सुदामा चरित्र का हुआ सुंदर वर्णन
प्राचीन नक्का कुआं शिव मंदिर में चल रही भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास पंडित रामकृष्ण दास जी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ विवाहों और सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर भक्त भावविभोर हो गए।
प्राचीन नक्का कुआं शिव मंदिर में आयोजित भागवत कथा के सातवें एवं अंतिम दिवस कथा व्यास पंडित रामकृष्ण दास जी महाराज ने कथा का सार बताते हुए कहा कि सातवें दिन की कथा श्रवण करने से भी पूर्ण फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण पर लगे सत्राजित द्वारा लगाए गए स्मंताक मणि चोरी के झूठे कलंक और उसके निवारण की कथा का वर्णन किया।
कथा व्यास ने भगवान श्री कृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ विवाहों के प्रसंग को विस्तार से बताया। उन्होंने नरकासुर नामक दैत्य द्वारा बंदी बनाई गई सोलह हजार एक सौ कन्याओं के उद्धार और भगवान श्री कृष्ण द्वारा उन सभी से एक ही मुहूर्त में विवाह कर द्वारिका में सबके लिए अलग-अलग महल बनवाने का वृत्तांत सुनाया। इसके पश्चात पांडवों के राजसूय महायज्ञ और भगवान के परम मित्र सुदामा जी महाराज के चरित्र का सुंदर वर्णन किया गया।
सुदामा चरित्र की कथा सुनकर कथा स्थल पर उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्त भावविभोर हो गए। कथा के समापन पर संपूर्ण कथा का सार दोहराया गया और व्यास विदाई का कार्यक्रम संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से व्यास जी का तिलक, भागवत जी का तिलक और लड्डू गोपाल जी का तिलक कर उन्हें विदाई दी। इस अवसर पर मुख्य यजमान मुकेश सैनी, माया सैनी, डॉक्टर चरण सिंह सैनी, राजबाला, पंडित विनोद शर्मा शास्त्री, ऋषभ शर्मा, नंदकिशोर उपाध्याय, माला गर्ग, मनोज कुमार गर्ग सहित अनेक भक्तगण उपस्थित रहे।
कथा व्यास ने भगवान श्री कृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ विवाहों के प्रसंग को विस्तार से बताया। उन्होंने नरकासुर नामक दैत्य द्वारा बंदी बनाई गई सोलह हजार एक सौ कन्याओं के उद्धार और भगवान श्री कृष्ण द्वारा उन सभी से एक ही मुहूर्त में विवाह कर द्वारिका में सबके लिए अलग-अलग महल बनवाने का वृत्तांत सुनाया। इसके पश्चात पांडवों के राजसूय महायज्ञ और भगवान के परम मित्र सुदामा जी महाराज के चरित्र का सुंदर वर्णन किया गया।
सुदामा चरित्र की कथा सुनकर कथा स्थल पर उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्त भावविभोर हो गए। कथा के समापन पर संपूर्ण कथा का सार दोहराया गया और व्यास विदाई का कार्यक्रम संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से व्यास जी का तिलक, भागवत जी का तिलक और लड्डू गोपाल जी का तिलक कर उन्हें विदाई दी। इस अवसर पर मुख्य यजमान मुकेश सैनी, माया सैनी, डॉक्टर चरण सिंह सैनी, राजबाला, पंडित विनोद शर्मा शास्त्री, ऋषभ शर्मा, नंदकिशोर उपाध्याय, माला गर्ग, मनोज कुमार गर्ग सहित अनेक भक्तगण उपस्थित रहे।