📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Abhijeet bhargava
स्थानीय
बैतूल में सूखे का संकट गहराया, 50% पानी वाले जलाशय सिर्फ पेयजल के लिए रिजर्व
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 07 अक्टू. 2026, 09:01 PM
👁 8
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में इस साल कम बारिश के कारण सूखे का संकट गहराने लगा है। जलाशयों में पानी का स्तर काफी कम हो गया है, जिससे शेष 50% पानी को सिर्फ पेयजल के लिए रिजर्व किया गया है।
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में इस साल बारिश की कमी के कारण सूखे का संकट काफी गहराने लगा है। मानसून की बारिश में भारी कमी के कारण जिले के जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में पानी की कमी की चिंता बढ़ गई है।
जलाशयों में पानी का स्तर खतरनाक स्तर तक गिर जाने के बाद प्रशासन ने सावधानी बरतते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब जलाशयों में मौजूद शेष 50 प्रतिशत पानी को सिर्फ और सिर्फ पेयजल के लिए रिजर्व किया गया है, ताकि जनता की बुनियादी ज़रूरतें पूरी हो सकें।
यह कदम इस बात को दर्शाता है कि जिले में पेयजल और सिंचाई दोनों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। कम पानी के कारण किसानों की खेती पर भी असर पड़ने का खतरा है, क्योंकि सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता अब बहुत सीमित है।
स्थानीय प्रशासन इस स्थिति पर नज़र रख रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सीमित पानी की आपूर्ति को संभालकर जनता के पेयजल की जरूरतें पूरी करना और स्थिति को और बिगड़ने से रोकना है।
जलाशयों में पानी का स्तर खतरनाक स्तर तक गिर जाने के बाद प्रशासन ने सावधानी बरतते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब जलाशयों में मौजूद शेष 50 प्रतिशत पानी को सिर्फ और सिर्फ पेयजल के लिए रिजर्व किया गया है, ताकि जनता की बुनियादी ज़रूरतें पूरी हो सकें।
यह कदम इस बात को दर्शाता है कि जिले में पेयजल और सिंचाई दोनों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। कम पानी के कारण किसानों की खेती पर भी असर पड़ने का खतरा है, क्योंकि सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता अब बहुत सीमित है।
स्थानीय प्रशासन इस स्थिति पर नज़र रख रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सीमित पानी की आपूर्ति को संभालकर जनता के पेयजल की जरूरतें पूरी करना और स्थिति को और बिगड़ने से रोकना है।