📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Abhishek8pk
स्वास्थ्य
बेगूसराय में 1993 की एएनएम नियुक्ति पर जांच, वेतन रुका
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 29 अग. 2026, 02:37 PM
👁 33
बिहार स्वास्थ्य विभाग ने बेगूसराय के बीहट उपकेंद्र में एएनएम मंजू कुमारी की 1993 की नियुक्ति को लेकर शिकायत के बाद वेतन रोकने के बाद नई जांच शुरू की है।
बिहार स्वास्थ्य विभाग ने बेगूसराय जिले के बीहट स्वास्थ्य उपकेंद्र में 1993 में नियुक्त हुई एएनएम मंजू कुमारी की नियुक्ति को लेकर जांच को तेज कर दिया है। यह कदम एक शिकायत के बाद उठाया गया, जिसमें मूल भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, शिकायत ने कर्मचारी फ़ाइल की पुनः जाँच को प्रेरित किया, जिसे पहले बंद माना जाता था। अब विभाग ने मामला फिर से खोल दिया है और 1993 की चयन प्रक्रिया, सेवा रिकॉर्ड और हाल ही में कुमारी के वेतन पर लगाए गए रोक के दस्तावेज़ों की जांच कर रहा है।
वेतन रोक को एक सतर्कता उपाय के रूप में लागू किया गया है, ताकि संभावित वित्तीय अनियमितताओं को सुलझाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के स्रोतों ने बताया कि जांच के परिणामों के आधार पर पुनः नियुक्ति या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
यह जांच राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में पुरानी नियुक्तियों पर बढ़ती निगरानी को दर्शाती है, जो सरकारी स्टाफिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
जांच के समाप्ति समय‑सारिणी के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है, और विभाग ने जनता से आधिकारिक बयान का इंतजार करने को कहा है।
अधिकारियों के अनुसार, शिकायत ने कर्मचारी फ़ाइल की पुनः जाँच को प्रेरित किया, जिसे पहले बंद माना जाता था। अब विभाग ने मामला फिर से खोल दिया है और 1993 की चयन प्रक्रिया, सेवा रिकॉर्ड और हाल ही में कुमारी के वेतन पर लगाए गए रोक के दस्तावेज़ों की जांच कर रहा है।
वेतन रोक को एक सतर्कता उपाय के रूप में लागू किया गया है, ताकि संभावित वित्तीय अनियमितताओं को सुलझाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के स्रोतों ने बताया कि जांच के परिणामों के आधार पर पुनः नियुक्ति या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
यह जांच राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में पुरानी नियुक्तियों पर बढ़ती निगरानी को दर्शाती है, जो सरकारी स्टाफिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
जांच के समाप्ति समय‑सारिणी के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है, और विभाग ने जनता से आधिकारिक बयान का इंतजार करने को कहा है।