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बाबतपुर एयरपोर्ट पर रोके गए चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह, बोले - सरकार तानाशाही पर आमादा
चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली में विपक्षी गठबंधन की बैठक में शामिल होने से रोकने के लिए उन्हें बाबतपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट नहीं पकड़ने दी गई। उन्होंने इसे सरकार का तानाशाही रवैया बताया।
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चंदौली से सांसद वीरेंद्र सिंह ने वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने से जानबूझकर रोका गया। सांसद सिंह ने कहा कि यह सरकार की तानाशाही का प्रमाण है और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।
सांसद वीरेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान पर विपक्षी सांसदों को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होना था। उनकी फ्लाइट दोपहर 12:20 बजे की थी, जो दिल्ली के लिए रवाना होने वाली थी। हालांकि, एयरपोर्ट कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि दिल्ली में अत्यधिक कंजेशन के कारण फ्लाइट में देरी होगी और वह दोपहर 3 बजे के बाद ही दिल्ली पहुँच पाएंगे। सांसद का दावा है कि यह फ्लाइट को जानबूझकर विलंबित किया जा रहा था ताकि विपक्षी सांसद बैठक में भाग न ले सकें। उन्होंने यह भी देखा कि दिल्ली की ओर जाने वाली कई ट्रेनें रद्द की जा रही हैं और सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले वाहनों को भी रोका जा रहा है।
सांसद वीरेंद्र सिंह ने इस रवैये को "डरपोक सरकार" का कृत्य करार दिया, जो आम जनता और विपक्षी नेताओं से डरती है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है और वे सरकार के सामने अपनी मांगें रखना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गूंगी-बहरी हो गई है और जनप्रतिनिधियों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। सरकार प्रदर्शनों को रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है।
सांसद ने तत्काल निर्वाचन आयोग से इस्तीफे की मांग की और राष्ट्रपति से उन्हें बर्खास्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनता के बीच सरकार के खिलाफ अविश्वास पैदा हो रहा है, जबकि लोकतंत्र की मजबूती जनता के विश्वास पर निर्भर करती है। उन्होंने भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों से शीघ्र पद छोड़ने का आह्वान किया, क्योंकि जनता ही लोकतंत्र की आत्मा है और वही सरकार चुनने का अधिकार देती है।
सांसद वीरेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान पर विपक्षी सांसदों को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होना था। उनकी फ्लाइट दोपहर 12:20 बजे की थी, जो दिल्ली के लिए रवाना होने वाली थी। हालांकि, एयरपोर्ट कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि दिल्ली में अत्यधिक कंजेशन के कारण फ्लाइट में देरी होगी और वह दोपहर 3 बजे के बाद ही दिल्ली पहुँच पाएंगे। सांसद का दावा है कि यह फ्लाइट को जानबूझकर विलंबित किया जा रहा था ताकि विपक्षी सांसद बैठक में भाग न ले सकें। उन्होंने यह भी देखा कि दिल्ली की ओर जाने वाली कई ट्रेनें रद्द की जा रही हैं और सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले वाहनों को भी रोका जा रहा है।
सांसद वीरेंद्र सिंह ने इस रवैये को "डरपोक सरकार" का कृत्य करार दिया, जो आम जनता और विपक्षी नेताओं से डरती है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है और वे सरकार के सामने अपनी मांगें रखना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गूंगी-बहरी हो गई है और जनप्रतिनिधियों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। सरकार प्रदर्शनों को रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है।
सांसद ने तत्काल निर्वाचन आयोग से इस्तीफे की मांग की और राष्ट्रपति से उन्हें बर्खास्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनता के बीच सरकार के खिलाफ अविश्वास पैदा हो रहा है, जबकि लोकतंत्र की मजबूती जनता के विश्वास पर निर्भर करती है। उन्होंने भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों से शीघ्र पद छोड़ने का आह्वान किया, क्योंकि जनता ही लोकतंत्र की आत्मा है और वही सरकार चुनने का अधिकार देती है।