Crime
बाबूबरही में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर चंद्रमोहन सिंह द्वारा अंधाधुंध फायरिंग में एक ग्रामीण की मौत, तीन घायल
मधुबनी के बाबूबरही थाना क्षेत्र में एक पुलिस पिकेट पर तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर चंद्रमोहन सिंह ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें एक ग्रामीण की मौत और तीन घायल हुए।
बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव में एक पुलिस पिकेट पर तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर चंद्रमोहन सिंह ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे एक ग्रामीण की मौत और तीन गंभीर रूप से घायल हुए।
फायरिंग का कारण आरोपी ASI पर गांव की एक युवती के साथ अवैध संबंध का आरोप था। देर रात जब वह महिला से मिलने उसके घर पहुंचा, तो ग्रामीणों ने उसकी भनक लगाई और घर को चारों तरफ से घेर लिया।
खुद को भीड़ से घिरा और पकड़े जाने के डर से ASI ने खिड़की से अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस फायरिंग में अशोक यादव (50 वर्ष) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल होकर अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं।
मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस प्रशासन पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, पर गुस्साई भीड़ ने उन्हें घेर लिया और एक महिला ने गुस्से में जिलाधिकारी का कॉलर पकड़ लिया। सुरक्षाकर्मियों ने जिलाधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाला।
अपराधी ASI चंद्रमोहन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उसे सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। फरार पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं और उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
फायरिंग का कारण आरोपी ASI पर गांव की एक युवती के साथ अवैध संबंध का आरोप था। देर रात जब वह महिला से मिलने उसके घर पहुंचा, तो ग्रामीणों ने उसकी भनक लगाई और घर को चारों तरफ से घेर लिया।
खुद को भीड़ से घिरा और पकड़े जाने के डर से ASI ने खिड़की से अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस फायरिंग में अशोक यादव (50 वर्ष) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल होकर अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं।
मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस प्रशासन पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, पर गुस्साई भीड़ ने उन्हें घेर लिया और एक महिला ने गुस्से में जिलाधिकारी का कॉलर पकड़ लिया। सुरक्षाकर्मियों ने जिलाधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाला।
अपराधी ASI चंद्रमोहन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उसे सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। फरार पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं और उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है।