📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kishlay RF
धर्म
बांका की सॉनी कुमारी ने पति की दृष्टि घटने पर दंडवत यात्रा शुरू की
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 25 अग. 2026, 12:32 PM
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बांका के फुल्लीडुमर की सॉनी कुमारी ने पति की आँखों की रोशनी घटने के बाद पति मंटू कुमार और बेटे अंकुश के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की दंडवत यात्रा शुरू की।
सावन के अंतिम सोमवार को बिहार के असर्गंज में कच्चे कांवरिया पथ पर एक अनोखी श्रद्धा की तस्वीर देखी गई। बांका के फुल्लीडुमर गांव की सॉनी कुमारी ने पति मंटू कुमार और 11 साल के बेटे अंकुश के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की दंडवत यात्रा शुरू की।
यह यात्रा पति की आँखों की रोशनी घटने के बाद शुरू हुई, जिससे सॉनी ने स्वयं को सेवादार के रूप में स्थापित किया। वे पारंपरिक बांस की लाठी और छोटे भेंट‑सम्पत्ति के साथ पवित्र पथ पर चल रही हैं, जो कांवर यात्रा की गहरी आध्यात्मिक भावना को दर्शाती है।
स्थानीय लोगों ने परिवार की दृढ़ता की सराहना की, विशेषकर वह माँ जिसने पति की स्वास्थ्य समस्या के बावजूद यात्रा जारी रखी। बाबा बैद्यनाथ, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, सावन के महीने में विशेष रूप से पूजनीय माना जाता है और इस दौरान बिहार भर से हजारों भक्त आते हैं।
असर्गंज के अधिकारियों ने बताया कि पथ सुरक्षित है और स्वयंसेवकों द्वारा यात्रियों को पानी व प्राथमिक चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। परिवार का लक्ष्य अगले कुछ दिनों में देवघर स्थित बैद्यनाथ मंदिर तक पहुँचना है।
यह यात्रा पति की आँखों की रोशनी घटने के बाद शुरू हुई, जिससे सॉनी ने स्वयं को सेवादार के रूप में स्थापित किया। वे पारंपरिक बांस की लाठी और छोटे भेंट‑सम्पत्ति के साथ पवित्र पथ पर चल रही हैं, जो कांवर यात्रा की गहरी आध्यात्मिक भावना को दर्शाती है।
स्थानीय लोगों ने परिवार की दृढ़ता की सराहना की, विशेषकर वह माँ जिसने पति की स्वास्थ्य समस्या के बावजूद यात्रा जारी रखी। बाबा बैद्यनाथ, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, सावन के महीने में विशेष रूप से पूजनीय माना जाता है और इस दौरान बिहार भर से हजारों भक्त आते हैं।
असर्गंज के अधिकारियों ने बताया कि पथ सुरक्षित है और स्वयंसेवकों द्वारा यात्रियों को पानी व प्राथमिक चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। परिवार का लक्ष्य अगले कुछ दिनों में देवघर स्थित बैद्यनाथ मंदिर तक पहुँचना है।