📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Raimond Spekking
अपराध
बाग, एमपी में बैंक ऑफ इंडिया शाखा से 46 लाख रुपये की नकद चोरी, कैशियर फरार
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 01 सित. 2026, 05:36 PM
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मध्य प्रदेश के बाग में स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा से 46 लाख रुपये की नकद चोरी की रिपोर्ट मिली, जब एक कैशियर चाबी लेकर फरार हो गया। शाखा प्रबंधक ने देर रात पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
मध्य प्रदेश के बाग में स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा ने सोमवार को अपने नकद भंडार में 46 लाख रुपये की कमी पाई। शाखा प्रबंधक के अनुसार, नियमित नकद मिलान के दौरान यह अंतर सामने आया और तिजोरी की चाबी भी गायब पाई गई।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि तिजोरी संभालने वाले एक कैशियर ने चाबी लेकर शाखा से भाग जाने का आरोप है। इस कर्मचारी को छोड़कर अन्य किसी कर्मचारी को इस मामले में शामिल नहीं किया गया है, और बैंक ने कैशियर का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
शाखा प्रबंधक ने देर रात स्थानीय थाने में लिखित आवेदन के साथ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आंतरिक लेखा परीक्षा के प्रारंभिक निष्कर्ष शामिल थे। पुलिस ने चोरी के तहत मामला दर्ज कर तिजोरी और सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। जांच जारी है और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों को आश्वासन दिया है कि इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की पुनः समीक्षा की जाएगी। मामले की प्रगति के बारे में सार्वजनिक रूप से जानकारी देते रहने का भी वचन दिया गया है।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि तिजोरी संभालने वाले एक कैशियर ने चाबी लेकर शाखा से भाग जाने का आरोप है। इस कर्मचारी को छोड़कर अन्य किसी कर्मचारी को इस मामले में शामिल नहीं किया गया है, और बैंक ने कैशियर का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
शाखा प्रबंधक ने देर रात स्थानीय थाने में लिखित आवेदन के साथ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आंतरिक लेखा परीक्षा के प्रारंभिक निष्कर्ष शामिल थे। पुलिस ने चोरी के तहत मामला दर्ज कर तिजोरी और सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। जांच जारी है और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों को आश्वासन दिया है कि इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की पुनः समीक्षा की जाएगी। मामले की प्रगति के बारे में सार्वजनिक रूप से जानकारी देते रहने का भी वचन दिया गया है।