📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anchal lilhare
धर्म
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में बभस्म आरती में बाबा महाकाल को वैष्णव तिलक व चांदी का मुकुट
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 03 सित. 2026, 07:47 AM
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भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में बभस्म आरती में बाबा महाकाल को पंचामृत अभिषेक के बाद वैष्णव तिलक, राम नाम के बिल्व पत्र, चांदी का मुकुट और मुंड माला से सजाया गया।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर ने भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी को बभस्म आरती के साथ मनाया, जिसमें बाबा महाकाल की पूजा की गई। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर के प्रांगण में इकट्ठा हुए और इस पवित्र अनुष्ठान को देखना चाहते थे।
आरती की शुरुआत पंचामृत अभिषेक से हुई, जिसमें दूध, दही, शहद, घी और शर्करा का मिश्रण देवता पर चढ़ाया गया। अभिषेक के बाद पुजारी ने बाबा महाकाल के माथे पर वैष्णव तिलक लगाया और राम नाम लिखे बिल्व पत्रों को शिखर पर सजाया।
इसके बाद चांदी का मुकुट और मुंड माला को देवता के सिर और गर्दन पर रखा गया, जिससे उनका स्वरूप और भी भव्य हो गया। अंत में “जय श्री महाकाल” का उद्घोष पूरे मंदिर में गूँज उठा, जिससे श्रद्धा की लहर सभी में फैल गई।
यह समारोह स्थानीय भक्तों और दूर‑दराज़ के तीर्थयात्रियों दोनों को आकर्षित कर रहा था, जो महाकाल के आशीर्वाद की कामना में सम्मिलित हुए।
आरती की शुरुआत पंचामृत अभिषेक से हुई, जिसमें दूध, दही, शहद, घी और शर्करा का मिश्रण देवता पर चढ़ाया गया। अभिषेक के बाद पुजारी ने बाबा महाकाल के माथे पर वैष्णव तिलक लगाया और राम नाम लिखे बिल्व पत्रों को शिखर पर सजाया।
इसके बाद चांदी का मुकुट और मुंड माला को देवता के सिर और गर्दन पर रखा गया, जिससे उनका स्वरूप और भी भव्य हो गया। अंत में “जय श्री महाकाल” का उद्घोष पूरे मंदिर में गूँज उठा, जिससे श्रद्धा की लहर सभी में फैल गई।
यह समारोह स्थानीय भक्तों और दूर‑दराज़ के तीर्थयात्रियों दोनों को आकर्षित कर रहा था, जो महाकाल के आशीर्वाद की कामना में सम्मिलित हुए।