📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Innocentdogar
कृषि
अगस्त की बारिश ने हरियाणा का खरीफ घाटा 14% तक घटाया, फसल की आशा बढ़ी
✍️ Hindustan Times
🗓 20 अग. 2026, 02:15 PM
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अगस्त में हुई भारी बारिश ने हरियाणा के खरीफ जल घाटे को 35% से घटाकर 14% कर दिया, जिससे फसल की उम्मीदें बढ़ी हैं।
अगस्त में हुई भारी मॉनसून बारिश ने हरियाणा के खरीफ जल घाटे को 35% से घटाकर 14% कर दिया, जिससे स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। इस वर्ष की बारिश ने जलाशयों और भूजल स्तर को पुनः भर दिया, जो पहले गंभीर कमी का सामना कर रहे थे।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि घटे हुए घाटे से किसानों को सिंचाई की दबाव कम होगा और धान, मक्का, कपास जैसी खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इससे पूर्वानुमानित कम पैदावार की तुलना में बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह बारिश फसल बोने के प्रमुख समय से ठीक पहले आई है, जिससे किसानों को उचित समय पर बुवाई करने में मदद मिलेगी। हालांकि आगे किसी भी सूखे की संभावना बनी रहती है, वर्तमान नमी स्तर एक स्थिर फसल के लिए आधार प्रदान करता है।
आगे की योजना के तहत कृषि विभाग मिट्टी की नमी और मौसम की निगरानी जारी रखेगा और किसानों को बुवाई के सर्वोत्तम समय की सलाह देगा। इस मौसम की सकारात्मक बदलाव हरियाणा की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए आशाजनक संकेत है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि घटे हुए घाटे से किसानों को सिंचाई की दबाव कम होगा और धान, मक्का, कपास जैसी खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इससे पूर्वानुमानित कम पैदावार की तुलना में बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह बारिश फसल बोने के प्रमुख समय से ठीक पहले आई है, जिससे किसानों को उचित समय पर बुवाई करने में मदद मिलेगी। हालांकि आगे किसी भी सूखे की संभावना बनी रहती है, वर्तमान नमी स्तर एक स्थिर फसल के लिए आधार प्रदान करता है।
आगे की योजना के तहत कृषि विभाग मिट्टी की नमी और मौसम की निगरानी जारी रखेगा और किसानों को बुवाई के सर्वोत्तम समय की सलाह देगा। इस मौसम की सकारात्मक बदलाव हरियाणा की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए आशाजनक संकेत है।