📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
कृषि
जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक कार्य विभाग द्वारा NABARD फंडों के कम उपयोग पर ऑडिट चेतावनी
✍️ Kashmir Life
🗓 08 अक्टू. 2026, 08:46 PM
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जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक कार्य (सड़क व भवन) विभाग के ऑडिट ने NABARD द्वारा आवंटित फंडों के कम उपयोग को उजागर किया, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढाँचे की परियोजनाओं में देरी की चिंता बढ़ी है।
जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक कार्य (सड़क व भवन) विभाग के हालिया ऑडिट ने यह उजागर किया कि राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) द्वारा प्रदान किए गए फंडों का एक बड़ा हिस्सा अभी तक खर्च नहीं हुआ है। कश्मीर लाइफ़ द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में कई योजनाओं में फंडों के कम उपयोग की प्रवृत्ति बताई गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्रामीण बुनियादी ढाँचा जैसे सड़क और भवन परियोजनाओं में आवंटित संसाधनों को प्रभावी रूप से लागू नहीं कर पाया है। यद्यपि अनउपयोगित राशि की सटीक संख्या नहीं दी गई, लेकिन यह कमी पर्याप्त बड़ी बताई गई है जिससे सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।
कम उपयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास में देरी और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर पर असर पड़ने की चिंता बढ़ी है। NABARD, जिसका उद्देश्य कृषि उत्पादन और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है, यदि उपयोग में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य के वितरण पर पुनर्विचार कर सकता है।
इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप सार्वजनिक कार्य विभाग के अधिकारियों को विस्तृत उपयोग योजना और लंबित परियोजनाओं को समाप्त करने की समयसीमा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। ऑडिट ने फंडों की समय पर पहुँच सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
स्थानीय ठेकेदारों और समुदाय समूहों सहित सभी हितधारक इस विकास पर नज़र रखे हुए हैं, क्योंकि इन परियोजनाओं का समय पर कार्यान्वयन क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
रिपोर्ट के अनुसार, विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्रामीण बुनियादी ढाँचा जैसे सड़क और भवन परियोजनाओं में आवंटित संसाधनों को प्रभावी रूप से लागू नहीं कर पाया है। यद्यपि अनउपयोगित राशि की सटीक संख्या नहीं दी गई, लेकिन यह कमी पर्याप्त बड़ी बताई गई है जिससे सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।
कम उपयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास में देरी और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर पर असर पड़ने की चिंता बढ़ी है। NABARD, जिसका उद्देश्य कृषि उत्पादन और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है, यदि उपयोग में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य के वितरण पर पुनर्विचार कर सकता है।
इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप सार्वजनिक कार्य विभाग के अधिकारियों को विस्तृत उपयोग योजना और लंबित परियोजनाओं को समाप्त करने की समयसीमा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। ऑडिट ने फंडों की समय पर पहुँच सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
स्थानीय ठेकेदारों और समुदाय समूहों सहित सभी हितधारक इस विकास पर नज़र रखे हुए हैं, क्योंकि इन परियोजनाओं का समय पर कार्यान्वयन क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।