अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने की पंचायत
किसानों ने की पंचायत
अधिग्रहण के विरोध में अटौला में किसानों ने की पंचायत
मुंडाली : क्षेत्र के गांव अजराड़ा, इलाहाबाद की मढैया और अटौला के किसानों ने गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास प्रस्तावित अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के विरोध में अजरड़ा, अटौला, शफियाबाद लोटी एवं इलाहाबाद की मढैया गांव के किसानों ने शुक्रवार को अटौला गांव में पंचायत करते हुए जमीन नही देने की घोषणा करते हुए आंदोलन शुरू करने की बात कही।
पंचायत में किसानों को संबोधित करते हुए अजराड़ा निवासी नंबरदार शेरा ने कहा कि प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण के लिए निर्धारित दर पर किसान जमीन नही देंगे। उन्होंने कहा कि जमीन ही उनके परिवार के भरण-पोषण और रोजी-रोटी का मुख्य साधन है। किसानों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा, "हम अपनी जमीन नहीं देना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें आंदोलन भी करना पड़ा तो करेंगे, लेकिन जमीन नही देंगे। चौधरी लल्लू सिंह ने कहा कि इसी जमीन से हमारे परिवार की दाल-रोटी चलती है, खेती-किसानी से ही उनके परिवारों का गुजारा होता है। यदि उनकी जमीन चली गई तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने बताया कि प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण में कई किसानों की जमीन शामिल है। इसको लेकर किसानों में नाराजगी है। किसानों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रशासन को किसानों की समस्या सुननी चाहिए उसके पश्चात कोई निर्णय लेना चाहिए। इस दौरान नेत्रपाल सिंह, हरशरण सिंह, जगशरण सिंह, ऋषिपाल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, रामवीर सिंह, मनवीर सिंह, राजवीर सिंह, निरंजन सिंह, विजेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, शिवराज सिंह, सुदेश पाल सिंह, शेर मोहम्मद, वसीयत खान, , शाहिद, ताहिर, नेताजी, सफायत चौधरी, मुजम्मिल और शोभायार सिंह सहित अन्य किसान शामिल हैं।
मुंडाली : क्षेत्र के गांव अजराड़ा, इलाहाबाद की मढैया और अटौला के किसानों ने गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास प्रस्तावित अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के विरोध में अजरड़ा, अटौला, शफियाबाद लोटी एवं इलाहाबाद की मढैया गांव के किसानों ने शुक्रवार को अटौला गांव में पंचायत करते हुए जमीन नही देने की घोषणा करते हुए आंदोलन शुरू करने की बात कही।
पंचायत में किसानों को संबोधित करते हुए अजराड़ा निवासी नंबरदार शेरा ने कहा कि प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण के लिए निर्धारित दर पर किसान जमीन नही देंगे। उन्होंने कहा कि जमीन ही उनके परिवार के भरण-पोषण और रोजी-रोटी का मुख्य साधन है। किसानों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा, "हम अपनी जमीन नहीं देना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें आंदोलन भी करना पड़ा तो करेंगे, लेकिन जमीन नही देंगे। चौधरी लल्लू सिंह ने कहा कि इसी जमीन से हमारे परिवार की दाल-रोटी चलती है, खेती-किसानी से ही उनके परिवारों का गुजारा होता है। यदि उनकी जमीन चली गई तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने बताया कि प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण में कई किसानों की जमीन शामिल है। इसको लेकर किसानों में नाराजगी है। किसानों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रशासन को किसानों की समस्या सुननी चाहिए उसके पश्चात कोई निर्णय लेना चाहिए। इस दौरान नेत्रपाल सिंह, हरशरण सिंह, जगशरण सिंह, ऋषिपाल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, रामवीर सिंह, मनवीर सिंह, राजवीर सिंह, निरंजन सिंह, विजेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, शिवराज सिंह, सुदेश पाल सिंह, शेर मोहम्मद, वसीयत खान, , शाहिद, ताहिर, नेताजी, सफायत चौधरी, मुजम्मिल और शोभायार सिंह सहित अन्य किसान शामिल हैं।