अथमलगोला में रोजाना बर्बाद हो रहा सैकड़ों लीटर नल जल, राहगीर परेशान
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स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त पाइप को ठीक कराने की मांग की है।
पटना जिला अंतर्गत अथमलगोला बाजार स्थित एसबीआई शाखा के सामने पुरानी बाईपास सड़क पर पीएचईडी विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विगत कई दिनों से पाइप फटा होने के कारण जलापूर्ति शुरू होते ही सैकड़ों लीटर शुद्ध पेयजल सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है। इसके चलते सड़क पर हमेशा जलजमाव की स्थिति बनी रहती है, जिससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय लोग लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल विभाग की ओर से कोई सुधि लेने वाला नहीं है।
वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुआ पाइप
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बाजार से करीब दो किलोमीटर दूर गंजपर गांव में पीएचईडी विभाग की पानी टंकी स्थित है, जहां से पूरे इलाके में जलापूर्ति की जाती है। पानी का मुख्य सर्विस पाइप मिट्टी के अंदर गहराई में दबा होने के बजाय सतह पर ही था, जो किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। अब जैसे ही जलमीनार से जलापूर्ति शुरू की जाती है, सड़क पर पानी का तेज बहाव शुरू हो जाता है।
कीचड़ से फिसलकर चोटिल हो रहे राहगीर और बाइक चालक
सड़क पर पानी के लगातार बहाव के कारण मिट्टी और धूल मिलकर गहरे कीचड़ का रूप ले चुके हैं। राहगीरों का कहना है कि कीचड़ और फिसलन की वजह से कई पैदल यात्री गिरकर चोटिल हो चुके हैं।दोपहिया वाहन चालक अक्सर असंतुलित होकर गिर रहे हैं।रात के अंधेरे में दुर्घटना की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।
विभागीय अनदेखी से लोगों में आक्रोश
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना जल मीनार संचालक को दी और अपने स्तर पर भी पाइप मरम्मत का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत पानी बचाने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी से प्रतिदिन सैकड़ों लीटर पानी नाले में बह रहा है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त पाइप को ठीक कराने की मांग की है।
इस संबंध में need 24 द्वारा जानकारी दिए जाने पर अथमलगोला पीएचईडी कनीय अभियंता अंशु रानी ने बताया कि इस समस्या का त्वरित समाधान किया जाएगा। इसके लिए जल मीनार संचालक को अभी निर्देशित किया जा रहा है।
वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुआ पाइप
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बाजार से करीब दो किलोमीटर दूर गंजपर गांव में पीएचईडी विभाग की पानी टंकी स्थित है, जहां से पूरे इलाके में जलापूर्ति की जाती है। पानी का मुख्य सर्विस पाइप मिट्टी के अंदर गहराई में दबा होने के बजाय सतह पर ही था, जो किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। अब जैसे ही जलमीनार से जलापूर्ति शुरू की जाती है, सड़क पर पानी का तेज बहाव शुरू हो जाता है।
कीचड़ से फिसलकर चोटिल हो रहे राहगीर और बाइक चालक
सड़क पर पानी के लगातार बहाव के कारण मिट्टी और धूल मिलकर गहरे कीचड़ का रूप ले चुके हैं। राहगीरों का कहना है कि कीचड़ और फिसलन की वजह से कई पैदल यात्री गिरकर चोटिल हो चुके हैं।दोपहिया वाहन चालक अक्सर असंतुलित होकर गिर रहे हैं।रात के अंधेरे में दुर्घटना की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।
विभागीय अनदेखी से लोगों में आक्रोश
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना जल मीनार संचालक को दी और अपने स्तर पर भी पाइप मरम्मत का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत पानी बचाने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी से प्रतिदिन सैकड़ों लीटर पानी नाले में बह रहा है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त पाइप को ठीक कराने की मांग की है।
इस संबंध में need 24 द्वारा जानकारी दिए जाने पर अथमलगोला पीएचईडी कनीय अभियंता अंशु रानी ने बताया कि इस समस्या का त्वरित समाधान किया जाएगा। इसके लिए जल मीनार संचालक को अभी निर्देशित किया जा रहा है।