📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Deepjyoti05
अपराध
असम पुलिस ने मिज़ोरम से आयी 10 करोड़ रुपये की याबा बॅच जप्त की
✍️ Hub News
🗓 12 अक्टू. 2026, 09:32 AM
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असम प्राधिकरणों ने मिज़ोरम से आयी 10 करोड़ रुपये मूल्य की याबा द्रव्य की तस्करी की जप्ती की।
असम पुलिस ने एक बड़ी याबा द्रव्य की तस्करी की जप्ती की, जिसकी कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है। यह द्रव्य मिज़ोरम से आयी पाई गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि द्रव्य का तस्करी मार्ग राज्य सीमाओं को पार कर रहा है। यह कार्रवाई असम पुलिस के एंटी-नार्कोटिक स्क्वाड द्वारा की गई, जिन्होंने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी।
याबा, जिसे भारत में 'कोकेन' के नाम से भी जाना जाता है, एक शक्तिशाली उत्तेजक द्रव्य है, जिसने पूर्वोत्तर भारत में द्रव्य सेवन के मामलों में वृद्धि का कारण बना है। इस जप्ती के साथ, कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ द्रव्य तस्करी पर कड़ी पकड़ बनाने के लिए अपनी कोशिशों को तेज कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जप्त किए गए द्रव्य को असम के एक ट्रांजिट पॉइंट पर एक सीलबंद कंटेनर में पाया गया। अधिकारी आपूर्ति श्रृंखला की जांच कर रहे हैं और तस्करी नेटवर्क में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने के लिए काम कर रहे हैं।
यह कार्रवाई द्रव्य तस्करी को रोकने के लिए कानून प्रवर्तन के चल रहे प्रयासों को दर्शाती है, खासकर पड़ोसी राज्यों से आने वाले द्रव्य के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए। जप्त किए गए द्रव्य का फोरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा और मामले को उचित न्यायिक प्राधिकरणों के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।
याबा, जिसे भारत में 'कोकेन' के नाम से भी जाना जाता है, एक शक्तिशाली उत्तेजक द्रव्य है, जिसने पूर्वोत्तर भारत में द्रव्य सेवन के मामलों में वृद्धि का कारण बना है। इस जप्ती के साथ, कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ द्रव्य तस्करी पर कड़ी पकड़ बनाने के लिए अपनी कोशिशों को तेज कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जप्त किए गए द्रव्य को असम के एक ट्रांजिट पॉइंट पर एक सीलबंद कंटेनर में पाया गया। अधिकारी आपूर्ति श्रृंखला की जांच कर रहे हैं और तस्करी नेटवर्क में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने के लिए काम कर रहे हैं।
यह कार्रवाई द्रव्य तस्करी को रोकने के लिए कानून प्रवर्तन के चल रहे प्रयासों को दर्शाती है, खासकर पड़ोसी राज्यों से आने वाले द्रव्य के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए। जप्त किए गए द्रव्य का फोरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा और मामले को उचित न्यायिक प्राधिकरणों के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।