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असम के मंत्री पिजुश हजारीका ने काज़ीरंगा ईएसजेड नीति पर आलोचकों को चुनौती दी
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
राजनीति

असम के मंत्री पिजुश हजारीका ने काज़ीरंगा ईएसजेड नीति पर आलोचकों को चुनौती दी

✍️ India Today NE 🗓 20 अग. 2026, 01:59 PM 👁 30
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असम के वन मंत्री पिजुश हजारीका ने काज़ीरंगा के इको‑सेंसिटिव ज़ोन को लेकर आलोचना पर सवाल उठाते हुए इसे हटाने से बचाने की मांग को रेखांकित किया।

असम के वन मंत्री पिजुश हजारीका ने काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के इको‑सेंसिटिव ज़ोन (ईएसजेड) को लेकर चल रहे बहस पर टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि पहले कुछ वर्गों ने ईएसजेड को हटाने की मांग की थी, जबकि अब इस क्षेत्र को बचाने की आवाज़ें तेज़ हो गई हैं।

मंत्री ने कहा कि ईएसजेड उद्यान के अद्वितीय जैव विविधता, विशेषकर एक सींग वाले गैंडे, को अनियंत्रित विकास और अतिक्रमण से बचाने के लिए एक बफ़र के रूप में कार्य करता है। उन्होंने आलोचकों से अनुरोध किया कि वे केवल अल्पकालिक आर्थिक हितों पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और संरक्षण कारणों पर विचार करें।

हजारीका ने स्थानीय समुदायों के सतत जीवनयापन को सुनिश्चित करते हुए काज़ीरंगा की पारिस्थितिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने सभी हितधारकों के बीच रचनात्मक संवाद की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, ताकि नीति में कोई भी बदलाव वैज्ञानिक और सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं के आधार पर हो।

इन टिप्पणियों के बाद राज्य सरकार ने उद्यान के निकट विकास प्रस्तावों की समीक्षा शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण दिशानिर्देशों के साथ तालमेल रखना है। अभी कोई तत्काल नीति परिवर्तन घोषित नहीं किया गया, परंतु मंत्री ने संकेत दिया कि ईएसजेड भविष्य की योजना में प्राथमिकता बना रहेगा।
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