📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / not founded
राजनीति
असम जतीया परिषद ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, राष्ट्रपति से जांच का अनुरोध
✍️ India Today NE
🗓 25 सित. 2026, 10:32 AM
👁 26
असम जतीया परिषद ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनकी कार्यवाही की जांच का औपचारिक अनुरोध किया है।
असम जतीया परिषद (एजेपी) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखित याचिका दायर की है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई है। पार्टी ने आयुक्त के कार्यों की जांच का भी अनुरोध किया, यह कहते हुए कि उनके व्यवहार पर सवाल उठे हैं।
एजेपी ने कहा है कि आयुक्त के निर्णयों ने असम में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह पैदा किया है। याचिका में विशिष्ट घटनाओं का उल्लेख नहीं है, परन्तु सार्वजनिक भरोसा बहाल करने के लिये स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
यह याचिका राष्ट्रपति कार्यालय को भेजी गई है, और अभी तक किसी आधिकारिक टिप्पणी या कार्रवाई की घोषणा नहीं हुई है। यह मांग उन राज्यों में आगामी चुनावों की तैयारी के बीच आई है, जहाँ चुनाव आयोग की भूमिका पर बढ़ती निगरानी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एक वरिष्ठ संवैधानिक पदाधिकारी को हटाने की ऐसी मांगें दुर्लभ हैं और यह आयोग पर चुनाव कैलेंडर से पहले अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। राष्ट्रपति के निर्णय का परिणाम असम की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है और अन्य क्षेत्रों में समान मांगों के लिए मिसाल बन सकता है।
एजेपी ने कहा है कि आयुक्त के निर्णयों ने असम में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह पैदा किया है। याचिका में विशिष्ट घटनाओं का उल्लेख नहीं है, परन्तु सार्वजनिक भरोसा बहाल करने के लिये स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
यह याचिका राष्ट्रपति कार्यालय को भेजी गई है, और अभी तक किसी आधिकारिक टिप्पणी या कार्रवाई की घोषणा नहीं हुई है। यह मांग उन राज्यों में आगामी चुनावों की तैयारी के बीच आई है, जहाँ चुनाव आयोग की भूमिका पर बढ़ती निगरानी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एक वरिष्ठ संवैधानिक पदाधिकारी को हटाने की ऐसी मांगें दुर्लभ हैं और यह आयोग पर चुनाव कैलेंडर से पहले अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। राष्ट्रपति के निर्णय का परिणाम असम की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है और अन्य क्षेत्रों में समान मांगों के लिए मिसाल बन सकता है।