📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
कृषि
अरुणाचल मंत्री ने किसान पहचान से विश्वसनीय कृषि डेटाबेस के निर्माण की घोषणा की
✍️ Hindustan Times
🗓 06 अक्टू. 2026, 02:16 PM
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अरुणाचल प्रान्त के मंत्री ने घोषणा की कि किसान पहचान प्रणाली के परिचय से राज्य को विश्वसनीय कृषि डेटाबेस विकसित करने में मदद मिलेगी, जिससे किसानों के लिए बेहतर संसाधन योजना और समर्थन संभव होगा।
अरुणाचल प्रान्त सरकार ने घोषणा की कि राज्य में किसान पहचान प्रणाली लागू की जाएगी जिससे विश्वसनीय कृषि डेटाबेस तैयार किया जा सके। इस पहल से खेतों के आकार, फसल पैटर्न और भूमि स्वामित्व पर डेटा एकत्रित किया जाएगा।
एक ही डिजिटल भंडार में जानकारी को समेकित करके, राज्य का उद्देश्य सब्सिडी, क्रेडिट और विस्तार सेवाओं के लक्षित वितरण को बेहतर बनाना है। यह डेटाबेस कृषि उत्पादन की निगरानी में भी सहायता करेगा और नीति निर्णयों के लिए डेटा-आधारित आधार प्रदान करेगा।
यह कदम केंद्रीय सरकार के राष्ट्रीय किसान पहचान योजना के साथ मेल खाता है, जिसका लक्ष्य सभी किसानों को एक सामान्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लाना है। अरुणाचल प्रान्त अपनी स्थानीय रिकॉर्ड्स को राष्ट्रीय प्रणाली के साथ एकीकृत करने की योजना बना रहा है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि नया डेटाबेस क्षेत्र में सूचना के अंतर को पाटने में मदद करेगा, जिससे कृषि योजना को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
एक ही डिजिटल भंडार में जानकारी को समेकित करके, राज्य का उद्देश्य सब्सिडी, क्रेडिट और विस्तार सेवाओं के लक्षित वितरण को बेहतर बनाना है। यह डेटाबेस कृषि उत्पादन की निगरानी में भी सहायता करेगा और नीति निर्णयों के लिए डेटा-आधारित आधार प्रदान करेगा।
यह कदम केंद्रीय सरकार के राष्ट्रीय किसान पहचान योजना के साथ मेल खाता है, जिसका लक्ष्य सभी किसानों को एक सामान्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लाना है। अरुणाचल प्रान्त अपनी स्थानीय रिकॉर्ड्स को राष्ट्रीय प्रणाली के साथ एकीकृत करने की योजना बना रहा है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि नया डेटाबेस क्षेत्र में सूचना के अंतर को पाटने में मदद करेगा, जिससे कृषि योजना को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।