📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
टेक्नोलॉजी
अरुणाचल के राज्यपाल ने कहा विश्वसनीय टेलीकॉम एक आवश्यक सेवा है, लक्ज़री नहीं
✍️ ThePrint
🗓 17 अक्टू. 2026, 12:39 PM
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अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने भरोसेमंद टेलीकॉम को एक बुनियादी सेवा मानने की बात दोहराई, जिससे राज्य के विकास में इसका महत्व स्पष्ट हुआ।
नई दिल्ली – अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने हालिया बयान में कहा कि विश्वसनीय टेलीकॉम बुनियादी अधिकार है, लक्ज़री नहीं। उन्होंने बताया कि लगातार कनेक्टिविटी शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं के लिए अत्यावश्यक है, विशेषकर पहाड़ी प्रदेश में।
राज्यपाल ने कहा कि कई दूरस्थ गाँवों में अभी भी नेटवर्क व्यवधान की समस्या है, जिससे डिजिटल समावेशन और आर्थिक विकास बाधित हो रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अनुरोध किया कि टेलीकॉम नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता दें, विशेषकर सीमा क्षेत्रों और कम सेवा वाले इलाकों में।
उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों से मौजूदा टावरों को अपग्रेड करने और 5जी तथा सैटेलाइट‑आधारित सेवाओं में निवेश करने का आग्रह किया, ताकि कवरेज में रुकावट न हो। यह बयान राष्ट्रीय डिजिटल विभाजन को कम करने और भारत के उत्तर‑पूर्व में कनेक्टिविटी सुधारने के व्यापक एजेंडा के अनुरूप है।
राज्यपाल की टिप्पणी आगामी टेलीकॉम बुनियादी ढाँचा निधि नीति की समीक्षा से पहले आई है, जिससे अरुणाचल प्रदेश में सेवा विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए तेज़ कार्यान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्यपाल ने कहा कि कई दूरस्थ गाँवों में अभी भी नेटवर्क व्यवधान की समस्या है, जिससे डिजिटल समावेशन और आर्थिक विकास बाधित हो रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अनुरोध किया कि टेलीकॉम नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता दें, विशेषकर सीमा क्षेत्रों और कम सेवा वाले इलाकों में।
उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों से मौजूदा टावरों को अपग्रेड करने और 5जी तथा सैटेलाइट‑आधारित सेवाओं में निवेश करने का आग्रह किया, ताकि कवरेज में रुकावट न हो। यह बयान राष्ट्रीय डिजिटल विभाजन को कम करने और भारत के उत्तर‑पूर्व में कनेक्टिविटी सुधारने के व्यापक एजेंडा के अनुरूप है।
राज्यपाल की टिप्पणी आगामी टेलीकॉम बुनियादी ढाँचा निधि नीति की समीक्षा से पहले आई है, जिससे अरुणाचल प्रदेश में सेवा विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए तेज़ कार्यान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है।