स्थानीय
अररिया में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायतों के लिए जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित
बाल विवाह उन्मूलन हेतु जिला स्तर पर समन्वय, परामर्श और उन्मुखीकरण बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन और जिले की ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से डीआरडीए सभागार, समाहरणालय परिसर में जिला स्तरीय समन्वय, परामर्श एवं उन्मुखीकरण बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
बैठक में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत (सीएमएफजीपी) की अवधारणा, पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका, सामुदायिक सहभागिता और विभागीय समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई। पंचायत स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
सभी पंचायतों के माननीय मुखियों को अपनी पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने और जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, डीपीओ (आईसीडीएस), डीएसपी, सहायक निदेशक बाल संरक्षण, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। यूनिसेफ के राज्य प्रतिनिधि के रूप में मास्टर ट्रेनर बंकू बिहारी सरकार, सैफ उर रहमान, पियूष जी भी शामिल हुए।
अंत में सभी ने बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की शपथ ली।
बैठक में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत (सीएमएफजीपी) की अवधारणा, पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका, सामुदायिक सहभागिता और विभागीय समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई। पंचायत स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
सभी पंचायतों के माननीय मुखियों को अपनी पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने और जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, डीपीओ (आईसीडीएस), डीएसपी, सहायक निदेशक बाल संरक्षण, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। यूनिसेफ के राज्य प्रतिनिधि के रूप में मास्टर ट्रेनर बंकू बिहारी सरकार, सैफ उर रहमान, पियूष जी भी शामिल हुए।
अंत में सभी ने बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की शपथ ली।