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अररिया, 28 अक्टूबर 2026

✍️ रिपोर्टर: Kanhaiya Kumar Jha 🗓 29 अक्टू. 2026, 12:26 PM 👁 20
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PM RAHAT योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर डीएम ने दिए निर्देश, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर गोल्डन ऑवर में घायलों को अस्पताल पहुँचाने तथा गुड सेमे

अररिया, 28 अक्टूबर 2026
PM RAHAT योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर डीएम ने दिए निर्देश, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर
गोल्डन ऑवर में घायलों को अस्पताल पहुँचाने तथा गुड सेमेरिटन को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा पात्र पीड़ितों को कैशलेस उपचार का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राहत (PM RAHAT) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समाहरणालय स्थित परमान सभागार में बैठक-सह-कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी, अररिया श्री विनोद दूहन ने की।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए पुलिस, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों सहित सभी संबंधित संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर उपचार उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग संवेदनशीलता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
गोल्डन ऑवर में उपचार जीवन रक्षा के लिए महत्वपूर्ण
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का शुरुआती समय घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में दुर्घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल को अस्पताल पहुँचाने तथा अस्पताल, पुलिस एवं परिवहन विभाग के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को संबंधित अस्पतालों एवं विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने और योजना के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया। साथ ही योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया, ताकि पात्र दुर्घटना पीड़ितों को इसका लाभ मिल सके।
कार्यशाला में जिला परिवहन पदाधिकारी ने पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से PM RAHAT योजना के उद्देश्य, पात्रता, लाभ एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने दुर्घटना के बाद गोल्डन ऑवर में घायल को शीघ्र अस्पताल पहुँचाने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस दौरान आम नागरिकों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने गुड सेमेरिटन अवार्ड के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने और उन्हें समय पर अस्पताल पहुँचाने के लिए आगे आने वाले नेक मददगारों को प्रोत्साहित करना इसका उद्देश्य है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएँ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दें।
पात्र पीड़ितों को ₹1.50 लाख तक कैशलेस उपचार का प्रावधान
PM RAHAT योजना के तहत निर्धारित पात्रता एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अधिकतम ₹1.50 लाख तक कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। यह सुविधा दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों की निर्धारित अवधि तथा योजना की लागू शर्तों के अधीन उपलब्ध होती है। इसका उद्देश्य उपचार के खर्च की व्यवस्था करने में लगने वाले समय को कम करना तथा घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
कार्यशाला में अस्पतालों की पोर्टल संबंधी प्रक्रियाओं, दुर्घटना पीड़ितों के विवरण की प्रविष्टि, पुलिस सत्यापन तथा संबंधित ऑनलाइन प्रणाली के संचालन पर भी चर्चा की गई। संबंधित पदाधिकारियों एवं अस्पताल प्रबंधन को अपनी जिम्मेदारियों का समयबद्ध निर्वहन करने तथा तकनीकी एवं प्रक्रियागत समस्याओं के समाधान के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने पर बल दिया गया।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की कि सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने पर तत्काल आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर सूचना दें तथा घायल को यथाशीघ्र अस्पताल पहुँचाने में सहयोग करें। दुर्घटना पीड़ित को उपचार उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी न करें। PM RAHAT योजना का लाभ निर्धारित पात्रता एवं शर्तों के अनुसार उपलब्ध होगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, गोल्डन ऑवर में त्वरित सहायता, गुड सेमेरिटन को प्रोत्साहन तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों को राहत पहुँचाने के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जाएगा।
कार्यशाला में सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटर यान निरीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक यातायात, जिला नोडल पदाधिकारी आयुष्मान, जिले के सभी थाना प्रभारी, सभी अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, आयुष्मान भारत योजना से आच्छादित अस्पतालों के निदेशक तथा पुलिस, यातायात, परिवहन एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
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