📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohit Sharma
राजनीति
एपीसीसी ने केंद्र से अरुणाचल सीमा पर संयुक्त संसद प्रतिनिधिमंडल भेजने का आग्रह
✍️ The Times of India
🗓 30 अग. 2026, 02:18 PM
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अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस समिति ने केंद्र को लिखित अनुरोध किया है, जिसमें राज्य की सीमा पर एक संयुक्त संसद प्रतिनिधिमंडल भेजने की मांग की गई है।
अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस समिति (एपीसीसी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय को एक औपचारिक पत्र भेजते हुए केंद्र से अरुणाचल सीमा पर एक संयुक्त सभी‑पार्टी संसद प्रतिनिधिमंडल भेजने का आग्रह किया है। इस अनुरोध में सीमा पर सुरक्षा और विकास संबंधी मुद्दों का मूल्यांकन करने हेतु बिपक्षीय टीम की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
यह अपील तब आती है जब भारत‑चीन सीमा के आसपास अरुणाचल प्रदेश में रणनीतिक संवेदनशीलता बनी हुई है। एपीसीसी का मानना है कि शासक दल और विपक्ष दोनों के सांसदों से मिलकर बना प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय एकता का प्रतीक होगा और क्षेत्र में व्यापक जमीनी जांच को संभव बनाएगा।
समिति ने कहा है कि इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल होने चाहिए और उन्हें स्थानीय अधिकारियों, सुरक्षा बलों और निवासियों से मिलकर स्थिति का आकलन करना चाहिए। एपीसीसी ने त्वरित कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि सीमा पर किसी भी घटना के लिए समन्वित प्रतिक्रिया आवश्यक है।
केंद्र ने अभी तक इस अपील पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह अनुरोध सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचा और सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के लिए बढ़ते राजनीतिक दबाव को दर्शाता है।
यह अपील तब आती है जब भारत‑चीन सीमा के आसपास अरुणाचल प्रदेश में रणनीतिक संवेदनशीलता बनी हुई है। एपीसीसी का मानना है कि शासक दल और विपक्ष दोनों के सांसदों से मिलकर बना प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय एकता का प्रतीक होगा और क्षेत्र में व्यापक जमीनी जांच को संभव बनाएगा।
समिति ने कहा है कि इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल होने चाहिए और उन्हें स्थानीय अधिकारियों, सुरक्षा बलों और निवासियों से मिलकर स्थिति का आकलन करना चाहिए। एपीसीसी ने त्वरित कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि सीमा पर किसी भी घटना के लिए समन्वित प्रतिक्रिया आवश्यक है।
केंद्र ने अभी तक इस अपील पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह अनुरोध सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचा और सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के लिए बढ़ते राजनीतिक दबाव को दर्शाता है।