📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / iMahesh
अपराध
एपी उच्च न्यायालय ने सहमति से सौहार्दपूर्ण समझौते पर दहेज मामलों को खारिज करने की अनुमति दी
✍️ The New Indian Express
🗓 12 अक्टू. 2026, 05:03 AM
👁 15
अंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया है कि दहेज से संबंधित आपराधिक मामलों को तब खारिज किया जा सकता है जब संबंधित पक्ष सौहार्दपूर्ण समझौते पर पहुँचें।
अंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय जारी किया है, जिसके तहत दहेज से संबंधित आपराधिक मामलों को तब खारिज किया जा सकता है जब संबंधित पक्ष सौहार्दपूर्ण समझौते पर पहुँचें।
दहेज प्रतिबंध अधिनियम के तहत दहेज माँग और संबंधित अपराध दण्डनीय हैं, पर न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पक्षों के बीच पारस्परिक समझौता होने पर मामला समाप्त किया जा सकता है।
इस निर्णय से उन दम्पतियों को लाभ होने की संभावना है जो लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचना चाहते हैं, जबकि दहेज विरोधी कानूनी ढाँचे को बनाए रखा जाता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय अधिनियम को कमजोर नहीं करता, बल्कि न्यायिक भार को कम करने और परिवारों के बीच संवाद को बढ़ावा देने का एक व्यावहारिक माध्यम है।
दहेज प्रतिबंध अधिनियम के तहत दहेज माँग और संबंधित अपराध दण्डनीय हैं, पर न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पक्षों के बीच पारस्परिक समझौता होने पर मामला समाप्त किया जा सकता है।
इस निर्णय से उन दम्पतियों को लाभ होने की संभावना है जो लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचना चाहते हैं, जबकि दहेज विरोधी कानूनी ढाँचे को बनाए रखा जाता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय अधिनियम को कमजोर नहीं करता, बल्कि न्यायिक भार को कम करने और परिवारों के बीच संवाद को बढ़ावा देने का एक व्यावहारिक माध्यम है।