📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mr.Rosewater
अपराध
एसीबी ने संयुक्त निदेशक के लॉकर से 1.46 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और 64 लाख रुपये के नौ बैंक खातों की जप्ती की
✍️ Bhaskar English
🗓 06 सित. 2026, 12:35 AM
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एंटी‑करप्शन ब्यूरो ने संयुक्त निदेशक के लॉकर में 1.46 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और नौ बैंक खातों में कुल 64 लाख रुपये की जप्ती की।
एंटी‑करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक संयुक्त निदेशक के कार्यालय में छापेमारी की और आधिकारिक लॉकर में 1.46 करोड़ रुपये की अनुमानित मूल्य वाली ज्वेलरी पाई। यह जप्ती वरिष्ठ अधिकारी के वित्तीय अनियमितताओं की जांच के हिस्से के रूप में की गई। ज्वेलरी के साथ, जांचकर्ताओं ने नौ अलग‑अलग बैंक खातों में कुल 64 लाख रुपये की संपत्ति को ट्रेस कर फ्रीज़ किया, जो उस अधिकारी से जुड़े हुए थे। एसीबी ने इन वस्तुओं की सूची तैयार की और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित प्राधिकरण को सौंप दिया। यह मामला वरिष्ठ प्रशासनिक पदों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एजेंसी के बढ़ते दबाव को दर्शाता है।
जप्त की गई ज्वेलरी में सोने के आभूषण और हीरे लगे टुकड़े शामिल हैं, जबकि सटीक विवरण अभी तक फोरेंसिक जांच के बाद ही जारी किया जाएगा। फ्रीज़ किए गए बैंक बैलेंस कई वित्तीय संस्थानों के सहयोग से पहचाने गए, जिससे धन को आगे छिपाया या स्थानांतरित नहीं किया जा सका। एसीबी ने बताया कि सबूत विशेष न्यायालय में पेश किए जाएंगे ताकि किसी भी आपराधिक दायित्व का निर्धारण हो सके।
अधिकारी ने संयुक्त निदेशक का नाम या संबंधित विभाग का विवरण नहीं दिया है, क्योंकि प्रक्रिया के तहत यह जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच जारी है और यदि अतिरिक्त संपत्ति पाई जाती है तो उसे भी मौजूदा एंटी‑करप्शन कानूनों के तहत जप्त किया जा सकता है।
जप्त की गई ज्वेलरी में सोने के आभूषण और हीरे लगे टुकड़े शामिल हैं, जबकि सटीक विवरण अभी तक फोरेंसिक जांच के बाद ही जारी किया जाएगा। फ्रीज़ किए गए बैंक बैलेंस कई वित्तीय संस्थानों के सहयोग से पहचाने गए, जिससे धन को आगे छिपाया या स्थानांतरित नहीं किया जा सका। एसीबी ने बताया कि सबूत विशेष न्यायालय में पेश किए जाएंगे ताकि किसी भी आपराधिक दायित्व का निर्धारण हो सके।
अधिकारी ने संयुक्त निदेशक का नाम या संबंधित विभाग का विवरण नहीं दिया है, क्योंकि प्रक्रिया के तहत यह जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच जारी है और यदि अतिरिक्त संपत्ति पाई जाती है तो उसे भी मौजूदा एंटी‑करप्शन कानूनों के तहत जप्त किया जा सकता है।