📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ntrtrust
बिज़नेस
अंध्र प्रदेश ने डेटा सेंटर इकोसिस्टम के निर्माण में तेज़ी दिखाई, नारा लोकेश ने कहा
✍️ Business Today
🗓 01 अक्टू. 2026, 03:17 AM
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एक विशेष साक्षात्कार में नारा लोकेश ने बताया कि अंध्र प्रदेश सरकार निवेश आकर्षित करने और डिजिटल बुनियादी ढाँचा मजबूत करने के लिए डेटा सेंटर इकोसिस्टम के निर्माण में तेज़ी क्यों ला रही है।
अंध्र प्रदेश सरकार डेटा सेंटर इकोसिस्टम के निर्माण में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है, यह बात नारा लोकेश ने बताई। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य विश्व‑स्तरीय सुविधाएँ, स्थिर बिजली आपूर्ति और मजबूत कनेक्टिविटी प्रदान करके घरेलू और विदेशी तकनीकी कंपनियों को आकर्षित करना है।
लोकेश ने कहा कि राज्य निवेशकों को प्रोत्साहन, तेज़ मंजूरी प्रक्रिया और विशेष ज़मीन के टुकड़े दे रहा है ताकि परियोजनाओं की समयसीमा कम हो सके। लक्ष्य एक ऐसा क्लस्टर बनाना है जो क्लाउड सेवाएँ, एआई अनुसंधान और बड़े‑पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग को समर्थन दे, जिससे अंध्र प्रदेश भारत के डिजिटल परिदृश्य में प्रतिस्पर्धी केंद्र बन सके।
यह कदम राष्ट्रीय डिजिटल क्षमता बढ़ाने और देश के बाहर स्थित डेटा सेंटरों पर निर्भरता कम करने के व्यापक लक्ष्य के साथ मेल खाता है। स्थानीय इकोसिस्टम को विकसित करके सरकार रोजगार सृजन, सहायक उद्योगों को प्रोत्साहन और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने की आशा रखती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंध्र प्रदेश की यह सक्रिय नीति अन्य राज्यों के लिए एक मानक स्थापित कर सकती है, जो डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तत्पर हैं।
योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसमें शुरुआती परियोजनाओं को अगले दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, बशर्ते नियामक मंजूरी और निवेशक रुचि बनी रहे।
लोकेश ने कहा कि राज्य निवेशकों को प्रोत्साहन, तेज़ मंजूरी प्रक्रिया और विशेष ज़मीन के टुकड़े दे रहा है ताकि परियोजनाओं की समयसीमा कम हो सके। लक्ष्य एक ऐसा क्लस्टर बनाना है जो क्लाउड सेवाएँ, एआई अनुसंधान और बड़े‑पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग को समर्थन दे, जिससे अंध्र प्रदेश भारत के डिजिटल परिदृश्य में प्रतिस्पर्धी केंद्र बन सके।
यह कदम राष्ट्रीय डिजिटल क्षमता बढ़ाने और देश के बाहर स्थित डेटा सेंटरों पर निर्भरता कम करने के व्यापक लक्ष्य के साथ मेल खाता है। स्थानीय इकोसिस्टम को विकसित करके सरकार रोजगार सृजन, सहायक उद्योगों को प्रोत्साहन और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने की आशा रखती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंध्र प्रदेश की यह सक्रिय नीति अन्य राज्यों के लिए एक मानक स्थापित कर सकती है, जो डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तत्पर हैं।
योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसमें शुरुआती परियोजनाओं को अगले दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, बशर्ते नियामक मंजूरी और निवेशक रुचि बनी रहे।