Education
AMU में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का धरना-प्रदर्शन, 8 साल से नहीं हुए चुनाव
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, छात्रों ने धरना देकर जल्द चुनाव कराने की उठाई मांग
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर छात्रों का धरना-प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने और चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
छात्रों के अनुसार, AMU में वर्ष 2018-19 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं, जिसके चलते करीब आठ वर्षों से विश्वविद्यालय में निर्वाचित छात्रसंघ नहीं है। छात्रों का कहना है कि छात्रसंघ विद्यार्थियों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है।
छात्रों ने धरने के दौरान छात्रसंघ की बहाली, चुनाव प्रक्रिया शुरू करने और चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग उठाई। आंदोलन में छात्र-छात्राओं की भागीदारी भी देखने को मिली।
रिपोर्टों के मुताबिक, 21 सितंबर 2026 से छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर आंदोलन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी चल रही है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रदर्शन और परिसर में नियमों को लेकर अलग पक्ष सामने आया है। आंदोलन के दौरान कई मौकों पर परिसर में तनाव की स्थिति भी बनी। अब छात्रों की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम और छात्रसंघ चुनाव को लेकर होने वाली घोषणा पर टिकी हैं
छात्रों के अनुसार, AMU में वर्ष 2018-19 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं, जिसके चलते करीब आठ वर्षों से विश्वविद्यालय में निर्वाचित छात्रसंघ नहीं है। छात्रों का कहना है कि छात्रसंघ विद्यार्थियों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है।
छात्रों ने धरने के दौरान छात्रसंघ की बहाली, चुनाव प्रक्रिया शुरू करने और चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग उठाई। आंदोलन में छात्र-छात्राओं की भागीदारी भी देखने को मिली।
रिपोर्टों के मुताबिक, 21 सितंबर 2026 से छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर आंदोलन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी चल रही है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रदर्शन और परिसर में नियमों को लेकर अलग पक्ष सामने आया है। आंदोलन के दौरान कई मौकों पर परिसर में तनाव की स्थिति भी बनी। अब छात्रों की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम और छात्रसंघ चुनाव को लेकर होने वाली घोषणा पर टिकी हैं