📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Cooperation
राजनीति
अमित शाह करेंगे जालंधर के परागपुर में नशा मुक्ति महारैली, 30 सितम्बर
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 29 सित. 2026, 07:32 PM
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 सितंबर को जालंधर के परागपुर में नशा मुक्ति महारैली में भाषण देंगे, जिसके लिए 63 एकड़ में पंडाल व पार्किंग तैयार की गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 सितंबर को जालंधर के परागपुर में आयोजित नशा मुक्ति महारैली में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम राज्य अधिकारियों द्वारा आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य पंजाब में बढ़ते नशे के ख़तरों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहयोग को सुदृढ़ करना है।
परागपुर में 63 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में पंडाल स्थापित किया गया है और बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों व सुरक्षा कर्मियों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की गई है। स्थल को भीड़ के सुगम प्रवाह को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
पंजाब में नशे की समस्या को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं, इसलिए केंद्र सरकार ने इस दिशा में सक्रिय कदम उठाए हैं। अमित शाह की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि प्रशासन इस मुद्दे को सार्वजनिक सहभागिता और समन्वित कार्रवाई के माध्यम से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है ताकि कार्यक्रम के दौरान शांति बनी रहे। जबकि उपस्थित लोगों की सटीक संख्या अभी घोषित नहीं की गई है, आयोजकों को उम्मीद है कि समुदाय के नेताओं, युवा समूहों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की बड़ी भीड़ इकट्ठी होगी।
परागपुर में 63 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में पंडाल स्थापित किया गया है और बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों व सुरक्षा कर्मियों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की गई है। स्थल को भीड़ के सुगम प्रवाह को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
पंजाब में नशे की समस्या को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं, इसलिए केंद्र सरकार ने इस दिशा में सक्रिय कदम उठाए हैं। अमित शाह की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि प्रशासन इस मुद्दे को सार्वजनिक सहभागिता और समन्वित कार्रवाई के माध्यम से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है ताकि कार्यक्रम के दौरान शांति बनी रहे। जबकि उपस्थित लोगों की सटीक संख्या अभी घोषित नहीं की गई है, आयोजकों को उम्मीद है कि समुदाय के नेताओं, युवा समूहों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की बड़ी भीड़ इकट्ठी होगी।