📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Cooperation
कृषि
अमित शाह करेंगे भोपाल में गोपालक सम्मेलन, उज्जैन का 255 करोड़ का डेयरी प्लांट सहित कई परियोजनाओं की घोषणा
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 29 सित. 2026, 10:45 PM
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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को भोपाल में गोपालक सम्मेलन में शामिल होंगे, जहाँ उज्जैन के 255 करोड़ रुपये के डेयरी प्लांट सहित कई डेयरी‑पशुपालन और सड़क परियोजनाओं की घोषणा होगी।
भोपाल में 3 अक्टूबर को राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें मध्य प्रदेश भर के लगभग 35,000 गोपालकों की भागीदारी की उम्मीद है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस सभा में संबोधन करेंगे, जिससे पशुपालन क्षेत्र में केंद्र सरकार की रुचि स्पष्ट होती है।
समारोह के दौरान उज्जैन में 255 करोड़ रुपये मूल्य का नया डेयरी प्लांट घोषित किया जाएगा। इस सुविधा से दूध की खरीद, प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि और स्थानीय रोजगार सृजन में मदद मिलने की संभावना है।
उज्जैन प्लांट के अलावा डेयरी बुनियादी ढाँचे, पशुपालन सहायता योजनाओं और ग्रामीण सड़कों के विकास से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स की घोषणा भी की जाएगी, जिससे गो‑और गौ‑पालकों को बाजार तक बेहतर पहुँच मिल सकेगी।
इन पहलों का उद्देश्य डेयरी मूल्य शृंखला को सुदृढ़ करना, किसान आय में सुधार लाना और राष्ट्रीय स्तर पर दूध उत्पादन व ग्रामीण रोजगार बढ़ाने के लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाना है।
उपस्थित गोपालकों को इन योजनाओं से मिलने वाले संभावित लाभों को लेकर आशावाद दिख रहा है, और यह मॉडल अन्य राज्यों में भी दोहराया जा सकता है।
समारोह के दौरान उज्जैन में 255 करोड़ रुपये मूल्य का नया डेयरी प्लांट घोषित किया जाएगा। इस सुविधा से दूध की खरीद, प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि और स्थानीय रोजगार सृजन में मदद मिलने की संभावना है।
उज्जैन प्लांट के अलावा डेयरी बुनियादी ढाँचे, पशुपालन सहायता योजनाओं और ग्रामीण सड़कों के विकास से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स की घोषणा भी की जाएगी, जिससे गो‑और गौ‑पालकों को बाजार तक बेहतर पहुँच मिल सकेगी।
इन पहलों का उद्देश्य डेयरी मूल्य शृंखला को सुदृढ़ करना, किसान आय में सुधार लाना और राष्ट्रीय स्तर पर दूध उत्पादन व ग्रामीण रोजगार बढ़ाने के लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाना है।
उपस्थित गोपालकों को इन योजनाओं से मिलने वाले संभावित लाभों को लेकर आशावाद दिख रहा है, और यह मॉडल अन्य राज्यों में भी दोहराया जा सकता है।