📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Cooperation
राजनीति
अमित शाह ने कहा, बिहार में बीजेपी के दरवाज़े JD(U) के लिए बंद
✍️ The Economic Times
🗓 01 सित. 2026, 10:03 AM
👁 29
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में नीतीश कुमार के क्षेत्र में कहा कि बीजेपी JD(U) के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार का दौरा किया और नीतीश कुमार के क्षेत्र में एक सभा को संबोधित किया, जिसे अक्सर उनकी सत्ता का आधार माना जाता है। अपने भाषण में शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के दरवाज़े जनतादल (यूनाइटेड) के साथ किसी भी गठबंधन के लिए बंद हैं, जिससे आगामी चुनावी समीकरणों में पार्टी की स्थिति स्पष्ट हो गई।
यह टिप्पणी तब आई है, जब राज्य में दोनो दलों के बीच संभावित पोस्ट‑इलेक्शन गठबंधन की अटकलें चल रही थीं। शाह का बयान बीजेपी की बिहार में स्वतंत्र राजनीतिक रणनीति अपनाने की इच्छा को दर्शाता है, न कि JD(U) के साथ फिर से गठबंधन करने की।
राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि इस बयान से बिहार की चुनावी राजनीति में बदलाव आ सकता है, जहाँ JD(U) ने ऐतिहासिक रूप से बीजेपी का प्रमुख सहयोगी रहा है। गठबंधन से इनकार करने से JD(U) को अगले विधानसभा चुनावों से पहले अन्य साझेदारियों की तलाश करनी पड़ सकती है।
दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं और केंद्र की योजनाओं पर भी चर्चा हुई, पर गठबंधन संबंधी टिप्पणी ने मीडिया में सबसे अधिक सुर्ख़ियाँ बटोरीं। शाह की इस ठोस स्थिति को पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर अपनी वोट बेस को मजबूत करने की व्यापक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
रिपोर्टिंग के समय JD(U) के किसी भी प्रमुख नेता से इस पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिली।
यह टिप्पणी तब आई है, जब राज्य में दोनो दलों के बीच संभावित पोस्ट‑इलेक्शन गठबंधन की अटकलें चल रही थीं। शाह का बयान बीजेपी की बिहार में स्वतंत्र राजनीतिक रणनीति अपनाने की इच्छा को दर्शाता है, न कि JD(U) के साथ फिर से गठबंधन करने की।
राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि इस बयान से बिहार की चुनावी राजनीति में बदलाव आ सकता है, जहाँ JD(U) ने ऐतिहासिक रूप से बीजेपी का प्रमुख सहयोगी रहा है। गठबंधन से इनकार करने से JD(U) को अगले विधानसभा चुनावों से पहले अन्य साझेदारियों की तलाश करनी पड़ सकती है।
दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं और केंद्र की योजनाओं पर भी चर्चा हुई, पर गठबंधन संबंधी टिप्पणी ने मीडिया में सबसे अधिक सुर्ख़ियाँ बटोरीं। शाह की इस ठोस स्थिति को पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर अपनी वोट बेस को मजबूत करने की व्यापक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
रिपोर्टिंग के समय JD(U) के किसी भी प्रमुख नेता से इस पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिली।