📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Cooperation
कृषि
अमित शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ की डेयरी प्लांट का लोकार्पण, एमपी के दूध कारोबार को मिली बड़ी धक्का
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 03 अक्टू. 2026, 01:31 PM
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ की डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया, जो राज्य के दूध उद्योग को विस्तार देने के कई प्रोजेक्ट्स में से एक है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को उज्जैन में 255 करोड़ रुपये मूल्य की नई डेयरी प्रसंस्करण प्लांट का लोकार्पण किया। भूमि के नए आवंटन पर निर्मित इस सुविधा से क्षेत्र की दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ेगी और स्थानीय किसानों व श्रमिकों के लिये रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
यह उद्घाटन मध्य प्रदेश सरकार की डेयरी क्षेत्र को आधुनिकीकरण करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। उज्जैन प्लांट के साथ भोपाल और शिवपुरी में भी समान प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया गया, जिससे बुनियादी ढांचा, कोल्ड‑चेन लॉजिस्टिक्स और दूध व दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में समन्वित प्रयास स्पष्ट होते हैं।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि नई सुविधा में उन्नत पाश्चराइज़ेशन और पैकेजिंग तकनीक लागू होगी, जिससे उत्पादकों को घरेलू मांग और निर्यात मानकों दोनों को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह पहल केंद्र सरकार के डेयरी विकास लक्ष्यों के साथ तालमेल रखती है और अगले कुछ वर्षों में राज्य के डेयरी कारोबार में कई सौ करोड़ रुपये की वृद्धि की उम्मीद है।
स्थानीय डेयरी सहकारी समितियों ने इस विकास का स्वागत किया, यह कहते हुए कि प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि से उन्हें अपने दूध के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और फसल के बाद के नुकसान में कमी आएगी। सरकार ने किसानों के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम और कोल्ड‑स्टोरेज उपकरणों पर सब्सिडी जैसी सहायक उपायों की भी घोषणा की है।
यह परियोजना मध्य प्रदेश को मध्य भारत का प्रमुख डेयरी हब बनाने की महत्वाकांक्षा को रेखांकित करती है, जहाँ बड़ी पशुधन संख्या और रणनीतिक स्थान निवेश आकर्षित करने और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा।
यह उद्घाटन मध्य प्रदेश सरकार की डेयरी क्षेत्र को आधुनिकीकरण करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। उज्जैन प्लांट के साथ भोपाल और शिवपुरी में भी समान प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया गया, जिससे बुनियादी ढांचा, कोल्ड‑चेन लॉजिस्टिक्स और दूध व दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में समन्वित प्रयास स्पष्ट होते हैं।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि नई सुविधा में उन्नत पाश्चराइज़ेशन और पैकेजिंग तकनीक लागू होगी, जिससे उत्पादकों को घरेलू मांग और निर्यात मानकों दोनों को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह पहल केंद्र सरकार के डेयरी विकास लक्ष्यों के साथ तालमेल रखती है और अगले कुछ वर्षों में राज्य के डेयरी कारोबार में कई सौ करोड़ रुपये की वृद्धि की उम्मीद है।
स्थानीय डेयरी सहकारी समितियों ने इस विकास का स्वागत किया, यह कहते हुए कि प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि से उन्हें अपने दूध के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और फसल के बाद के नुकसान में कमी आएगी। सरकार ने किसानों के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम और कोल्ड‑स्टोरेज उपकरणों पर सब्सिडी जैसी सहायक उपायों की भी घोषणा की है।
यह परियोजना मध्य प्रदेश को मध्य भारत का प्रमुख डेयरी हब बनाने की महत्वाकांक्षा को रेखांकित करती है, जहाँ बड़ी पशुधन संख्या और रणनीतिक स्थान निवेश आकर्षित करने और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा।