जीवनशैली
अमरकंटक मां नर्मदा की पवन उद्गम स्थल अमरकंटक में जीवन दाहिनी मां नर्मदा के निर्मलता अभिरलता एवं नीचे गीत स्वरूप को अक्षर बनाए रखने के उद्देश्य से 4 नवंबर 2026 बुधवार को मां नर्मदा निर्मल एवं अविरल विषय पर वैचारिक मंथन कार्यशाला का आयोजन कियाजाएगा
अमरकंटक विकास प्राधिकरण के तत्वाधान में आयोजित यह कार्यशाला नगर परिषद अमरकंटक के सभा कक्ष में प्रातः 10:00 बजे से पर प्रारंभ होगी
कार्यशाला में मां नर्मदा के संरक्षण संविधान जल की शुद्धता तथा नदी की अविरल धारा को बनाए रखने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श किया जाएगा मां नर्मदा केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक चेतना और प्रकृति के संतुलन की जीवन रेखा है अमरकंटक की पर्वतमालाओं एवं वनों के मध्य उद्मित होकर प्रभावित होने वाली नर्मदा की पावन धरा का निर्मल और अविरल बने रहना पर्यावरणीय संतुलन के साथ-साथ आने वाली पीढियां के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है
वर्तमान समय में नदियों के संरक्षण की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है ऐसे में यह वैचारिक कार्यशाला केवल औपचारिक आयोजन न होकर मां नर्मदा के प्रति सामाजिक दायित्व जन भागीदारी एवं पर्यावरणीय चेतन को सशक्त बनाने की दिशा में एक समर्थक पहल है इसमें होने वाला विचार मंथन नर्मदा संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प और सकारात्मक कार्य योजना का आधार बने यही इस योजना की मूल्य भावना है कार्यशाला का आयोजन अमरकंटक विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेंद्र भारतीय एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी वसीम अहमद भट्ट के मार्गदर्शन में किया जा रहा है
वर्तमान समय में नदियों के संरक्षण की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है ऐसे में यह वैचारिक कार्यशाला केवल औपचारिक आयोजन न होकर मां नर्मदा के प्रति सामाजिक दायित्व जन भागीदारी एवं पर्यावरणीय चेतन को सशक्त बनाने की दिशा में एक समर्थक पहल है इसमें होने वाला विचार मंथन नर्मदा संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प और सकारात्मक कार्य योजना का आधार बने यही इस योजना की मूल्य भावना है कार्यशाला का आयोजन अमरकंटक विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेंद्र भारतीय एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी वसीम अहमद भट्ट के मार्गदर्शन में किया जा रहा है