स्थानीय
अलावलपुर में राशन वितरण में अनियमितता: लाभार्थियों को समय पर नहीं मिल रहा
अलावलपुर ग्राम सभा में पिछले 4–5 दिनों से राशन कार्डधारकों को समय पर राशन नहीं मिल रहा है, जिससे गरीब परिवारों को बार-बार चक्कर लगाने पड़े हैं।
अलावलपुर ग्राम सभा में राशन वितरण में अनियमितता की सूचना मिली है। पिछले 4–5 दिनों से राशन कार्डधारकों को समय पर राशन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिसके कारण गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता अवनीश चौरसिया, जस्टिस मोर्चा सदस्य, ने यह शिकायत जिला पूर्ति अधिकारी, उपजिलाधिकारी (तहसील भाटपाररानी) और पूर्ति निरीक्षक (सलेमपुर) तथा ग्राम सभा के उचित दर विक्रेता (स्वयं सहायत समूह) के समक्ष रखी है। उन्होंने स्पष्ट मांग की है कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए, राशन वितरण में हो रही अनियमितता की जांच कराई जाए और निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सभी पात्र लाभार्थियों को राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
यदि संबंधित कोटेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाए कि राशन वितरण की निगरानी करने वाले अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन क्यों नहीं कर रहे हैं।
हमारी मांग है कि गरीबों के राशन के मामले में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। संबंधित अधिकारी तत्काल हस्तक्षेप करें और समस्या का समाधान कराएं। जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समय पर राशन और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता अवनीश चौरसिया, जस्टिस मोर्चा सदस्य, ने यह शिकायत जिला पूर्ति अधिकारी, उपजिलाधिकारी (तहसील भाटपाररानी) और पूर्ति निरीक्षक (सलेमपुर) तथा ग्राम सभा के उचित दर विक्रेता (स्वयं सहायत समूह) के समक्ष रखी है। उन्होंने स्पष्ट मांग की है कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए, राशन वितरण में हो रही अनियमितता की जांच कराई जाए और निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सभी पात्र लाभार्थियों को राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
यदि संबंधित कोटेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाए कि राशन वितरण की निगरानी करने वाले अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन क्यों नहीं कर रहे हैं।
हमारी मांग है कि गरीबों के राशन के मामले में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। संबंधित अधिकारी तत्काल हस्तक्षेप करें और समस्या का समाधान कराएं। जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समय पर राशन और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई चाहिए।