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अलीगंज रामलीला मैदान निर्माण में घटिया गुणवत्ता की आशंका: डीएम ने गठित की जांच कमेटी
अलीगंज के रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण और चारदीवारी निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत पर जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया निर्माण कार्य की गुणवत्ता सही नहीं मिलने पर एसडीएम अलीगंज की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई है।
अलीगंज। कायमगंज रोड स्थित श्रीरामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण और चारदीवारी निर्माण में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने शनिवार को स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रथम दृष्टया सही नहीं पाई गई। पुरानी इंटरलॉकिंग भी टूटी हुई मिली। जिलाधिकारी ने इस मामले की गहराई से जांच के लिए एसडीएम अलीगंज की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने मीडिया को बताया कि अलीगंज तहसील दिवस में रामलीला मैदान के निर्माण कार्य को लेकर एक शिकायत प्राप्त हुई थी। इसी शिकायत के आधार पर उन्होंने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण में कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली और पुरानी इंटरलॉकिंग भी क्षतिग्रस्त पाई गई। कार्यदायी संस्था को मौके पर बुलाया गया था, लेकिन वह किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सकी। एसडीएम की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
दरअसल, श्रीरामलीला प्रबंध समिति अलीगंज, एटा के कार्यकारिणी अध्यक्ष विनोद कुमार आर्य ने तहसील दिवस में जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा था। पत्र में बताया गया था कि विधायक सत्यपाल सिंह राठौर के प्रयासों से पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय द्वारा रामलीला मैदान की चारदीवारी और सौंदर्यीकरण के लिए 1.88 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। इस परियोजना का भूमि पूजन 16 मार्च 2024 को किया गया था।
शिकायत के अनुसार, कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस, जल निगम ने इस कार्य का ठेका ठेकेदार विजय सिंह यादव को दिया था। इसके उपरांत, स्थानीय पेटी ठेकेदार वेद प्रकाश यादव को चारदीवारी और सौंदर्यीकरण का कार्य सौंपा गया। समिति का आरोप है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हुआ है और तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद कार्य अभी तक पूरा नहीं किया गया है। समिति ने यह भी अवगत कराया कि रामलीला महोत्सव छह अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुका है, लेकिन मैदान का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। अब जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर निर्माण की गुणवत्ता और कार्य में हुई देरी के संबंध में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने मीडिया को बताया कि अलीगंज तहसील दिवस में रामलीला मैदान के निर्माण कार्य को लेकर एक शिकायत प्राप्त हुई थी। इसी शिकायत के आधार पर उन्होंने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण में कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली और पुरानी इंटरलॉकिंग भी क्षतिग्रस्त पाई गई। कार्यदायी संस्था को मौके पर बुलाया गया था, लेकिन वह किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सकी। एसडीएम की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
दरअसल, श्रीरामलीला प्रबंध समिति अलीगंज, एटा के कार्यकारिणी अध्यक्ष विनोद कुमार आर्य ने तहसील दिवस में जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा था। पत्र में बताया गया था कि विधायक सत्यपाल सिंह राठौर के प्रयासों से पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय द्वारा रामलीला मैदान की चारदीवारी और सौंदर्यीकरण के लिए 1.88 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। इस परियोजना का भूमि पूजन 16 मार्च 2024 को किया गया था।
शिकायत के अनुसार, कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस, जल निगम ने इस कार्य का ठेका ठेकेदार विजय सिंह यादव को दिया था। इसके उपरांत, स्थानीय पेटी ठेकेदार वेद प्रकाश यादव को चारदीवारी और सौंदर्यीकरण का कार्य सौंपा गया। समिति का आरोप है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हुआ है और तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद कार्य अभी तक पूरा नहीं किया गया है। समिति ने यह भी अवगत कराया कि रामलीला महोत्सव छह अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुका है, लेकिन मैदान का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। अब जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर निर्माण की गुणवत्ता और कार्य में हुई देरी के संबंध में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।