📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Hiroshi Yoshida
अपराध
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल पर सवाल, बंदी ने प्रकाशित किया ‘जेल में ब्रांडेड कफ़न’
✍️ Amar Ujala · Ajmer
🗓 26 अग. 2026, 05:17 PM
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जेल में हार्डकोर बंदी योगेश चारणवासी की जनवरी 2026 में प्रकाशित किताब ‘जेल में ब्रांडेड कफ़न’ में जेल में ब्रांडेड कपड़े, मोबाइल और गैंगस्टरों के नेटवर्क का खुलासा, जिससे चर्चा छिड़ गई है।
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल पर तब चर्चा छिड़ गई जब हार्डकोर बंदी योगेश चारणवासी ने जनवरी 2026 में इंटरनेट पर ‘जेल में ब्रांडेड कफ़न’ नामक पुस्तक प्रकाशित की। यह पुस्तक जेल के भीतर उनके अनुभवों को दर्शाती है।
लेखक का दावा है कि जेल में ब्रांडेड कपड़े, मोबाइल फोन जैसे प्रतिबंधित सामान मौजूद हैं और गैंगस्टरों का एक संगठित नेटवर्क भी काम कर रहा है। यह संकेत देता है कि सबसे खतरनाक अपराधियों को रखने वाली जेल में सुरक्षा में चूक हो सकती है।
पुस्तक के प्रकाशन के बाद मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर इस मुद्दे पर तीव्र बहस छिड़ गई। कानूनी विशेषज्ञों और जेल अधिकारियों ने इस बात पर आंतरिक जांच की माँग की, जबकि नागरिक समाज ने पारदर्शिता की माँग की।
अजमेर के प्रबंधन ने इन चिंताओं को स्वीकार किया है और आरोपों की पुष्टि के लिए एक आंतरिक ऑडिट शुरू करने का इरादा जताया है। इस जांच के परिणाम राजस्थान की जेल प्रणाली में निगरानी और प्रतिबंधित वस्तुओं की रोकथाम के नियमों को पुनः आकार दे सकते हैं।
लेखक का दावा है कि जेल में ब्रांडेड कपड़े, मोबाइल फोन जैसे प्रतिबंधित सामान मौजूद हैं और गैंगस्टरों का एक संगठित नेटवर्क भी काम कर रहा है। यह संकेत देता है कि सबसे खतरनाक अपराधियों को रखने वाली जेल में सुरक्षा में चूक हो सकती है।
पुस्तक के प्रकाशन के बाद मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर इस मुद्दे पर तीव्र बहस छिड़ गई। कानूनी विशेषज्ञों और जेल अधिकारियों ने इस बात पर आंतरिक जांच की माँग की, जबकि नागरिक समाज ने पारदर्शिता की माँग की।
अजमेर के प्रबंधन ने इन चिंताओं को स्वीकार किया है और आरोपों की पुष्टि के लिए एक आंतरिक ऑडिट शुरू करने का इरादा जताया है। इस जांच के परिणाम राजस्थान की जेल प्रणाली में निगरानी और प्रतिबंधित वस्तुओं की रोकथाम के नियमों को पुनः आकार दे सकते हैं।