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ऐतिहासिक धरोहर के बिच गुंजा नशा मुक्त बिहार का संदेश
लौरिया नशामुक्त बिहार अभियान 2026के तहत कला संस्कृति विभाग बिहार सरकार के तत्वाधानमे आम्रपालीप्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षुओं ने हेरिटेज वॉक फॉर नशामुक्त बिहार कार्यक्रम में भाग लिया
बेतिया से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
ऐतिहासिक धरोहरों के बीच गूंजा नशामुक्त बिहार का संदेश, प्रशिक्षुओं ने किया नंदनगढ़ और अशोक स्तंभ का भ्रखबर बेतिया से है जहाँ लौरिया नशामुक्त बिहार अभियान-2026 के तहत रविवारको कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार के तत्वावधान में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र, बेतिया के प्रशिक्षुओं एवं प्रशिक्षकों ने ‘हेरिटेज वॉक फॉर नशामुक्त बिहार’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान टीम ने नंदनगढ़ बौद्ध स्तूप, लौरिया स्थित ऐतिहासिक अशोक स्तंभ, भितिहरवा गांधी स्मारक संग्रहालय और रमपुरवा स्थित अशोक स्तंभ का भ्रमण किया।
लौरिया में इतिहास शिक्षक वरुण कुमार ने प्रशिक्षुओं को अशोक स्तंभ के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्तंभ पर प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में सम्राट अशोक के शिलालेख अंकित हैं। कलिंग युद्ध में हुए भीषण रक्तपात के बाद सम्राट अशोक के विचारों में परिवर्तन आया था, जिसके बाद उन्होंने ऐसे अभिलेख स्थापित करवाए। स्तंभ का निर्माण चुनार के बलुआ पत्थर से हुआ था, जिसे गंगा नदी के रास्ते यहां लाया गया था। उन्होंने स्तंभ के शीर्ष पर बने सिंह और नीचे दाना चुगते हंस की आकृतियों के बारे में भी बताया।
इस दौरान जागरूकता गीत, नुक्कड़ नाटक, संवाद और प्रार्थना सभा के माध्यम से नशे के दुष्परिणाम बताए गए। प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज बनाने की शपथ भी ली। मौके पर जिला पदाधिकारी राकेश कुमार, डॉ. दानिश, वरुण कुमार, प्रशांत झा, असलम खां, जयमाला मिश्रा और उर्वशी कुमारी सहित अन्य उपस्थित रहे। इसके बाद टीम रमपुरवा के लिए रवाना हुई।
बाइट राकेश कुमार
ऐतिहासिक धरोहरों के बीच गूंजा नशामुक्त बिहार का संदेश, प्रशिक्षुओं ने किया नंदनगढ़ और अशोक स्तंभ का भ्रखबर बेतिया से है जहाँ लौरिया नशामुक्त बिहार अभियान-2026 के तहत रविवारको कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार के तत्वावधान में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र, बेतिया के प्रशिक्षुओं एवं प्रशिक्षकों ने ‘हेरिटेज वॉक फॉर नशामुक्त बिहार’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान टीम ने नंदनगढ़ बौद्ध स्तूप, लौरिया स्थित ऐतिहासिक अशोक स्तंभ, भितिहरवा गांधी स्मारक संग्रहालय और रमपुरवा स्थित अशोक स्तंभ का भ्रमण किया।
लौरिया में इतिहास शिक्षक वरुण कुमार ने प्रशिक्षुओं को अशोक स्तंभ के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्तंभ पर प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में सम्राट अशोक के शिलालेख अंकित हैं। कलिंग युद्ध में हुए भीषण रक्तपात के बाद सम्राट अशोक के विचारों में परिवर्तन आया था, जिसके बाद उन्होंने ऐसे अभिलेख स्थापित करवाए। स्तंभ का निर्माण चुनार के बलुआ पत्थर से हुआ था, जिसे गंगा नदी के रास्ते यहां लाया गया था। उन्होंने स्तंभ के शीर्ष पर बने सिंह और नीचे दाना चुगते हंस की आकृतियों के बारे में भी बताया।
इस दौरान जागरूकता गीत, नुक्कड़ नाटक, संवाद और प्रार्थना सभा के माध्यम से नशे के दुष्परिणाम बताए गए। प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज बनाने की शपथ भी ली। मौके पर जिला पदाधिकारी राकेश कुमार, डॉ. दानिश, वरुण कुमार, प्रशांत झा, असलम खां, जयमाला मिश्रा और उर्वशी कुमारी सहित अन्य उपस्थित रहे। इसके बाद टीम रमपुरवा के लिए रवाना हुई।
बाइट राकेश कुमार