📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Batthini Vinay Kumar Goud
राजनीति
जैपुर में आए ओवैसी ने योगी सरकार की सहारनपुर मस्जिद ध्वंस पर की तीखी निंदा
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 06 सित. 2026, 10:02 PM
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एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जयपुर में आयोजित सभा में योगी सरकार पर सहारनपुर में मस्जिद ध्वंस के दौरान कानूनी प्रक्रिया न देने का आरोप लगाया।
जयपुर में आयोजित एक सभा में एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में मस्जिद ध्वंस के दौरान मालिकों को अपील या कानूनी प्रक्रिया का अवसर नहीं दिया गया।
ओवैसी ने इस कदम को अन्यायपूर्ण बताया और कहा कि सरकार को "खामियाजा" भुगतना पड़ेगा, अर्थात् प्रतिशोध का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इस घटना को अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों को लक्षित करने की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा कहा।
योगी सरकार ने ओवैसी के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। सहारनपुर में मस्जिद ध्वंस, जो इस महीने की शुरुआत में हुआ, पहले ही स्थानीय निवासियों और कई राजनीतिक दलों द्वारा विरोध का कारण बन चुका है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आगामी चुनावों के मद्देनज़र राज्य प्रशासन और अल्पसंख्यक समूहों के बीच तनाव को और बढ़ा रही है, जिससे धार्मिक स्थलों से जुड़ी राजनीतिक संवेदनशीलता उजागर हो रही है।
जयपुर में एआईएमआईएम की रैली में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए, जिन्होंने कानूनी उपायों की मांग की और सरकार से धार्मिक संरचनाओं के संवैधानिक संरक्षण का पालन करने का आग्रह किया।
ओवैसी ने इस कदम को अन्यायपूर्ण बताया और कहा कि सरकार को "खामियाजा" भुगतना पड़ेगा, अर्थात् प्रतिशोध का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इस घटना को अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों को लक्षित करने की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा कहा।
योगी सरकार ने ओवैसी के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। सहारनपुर में मस्जिद ध्वंस, जो इस महीने की शुरुआत में हुआ, पहले ही स्थानीय निवासियों और कई राजनीतिक दलों द्वारा विरोध का कारण बन चुका है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आगामी चुनावों के मद्देनज़र राज्य प्रशासन और अल्पसंख्यक समूहों के बीच तनाव को और बढ़ा रही है, जिससे धार्मिक स्थलों से जुड़ी राजनीतिक संवेदनशीलता उजागर हो रही है।
जयपुर में एआईएमआईएम की रैली में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए, जिन्होंने कानूनी उपायों की मांग की और सरकार से धार्मिक संरचनाओं के संवैधानिक संरक्षण का पालन करने का आग्रह किया।