📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kingshuk Mondal
धर्म
अगर्तला मंदिर में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत पशु बलि
✍️ India Today
🗓 20 अक्टू. 2026, 02:16 PM
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अगर्तला के एक मंदिर ने आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित प्रतिबंधों के तहत पशु बलि का अनुष्ठान किया।
त्रिपुरा के अगर्तला में स्थित मंदिर ने आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सीमाओं के तहत पशु बलि का अनुष्ठान किया। भक्तों ने मंदिर परिसर में इकट्ठा होकर इस रिवाज को देखा, जबकि स्थानीय अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी कानूनी शर्तें पूरी हों।
सुप्रीम कोर्ट ने भारत में पशु बलि को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट दिशा‑निर्देश जारी किए हैं, जिसमें केवल मान्यता प्राप्त मंदिरों में, मानवीय तरीकों से और सीमित आवृत्ति में ही बलि देना अनुमति है। मंदिर प्रबंधकों ने बताया कि उन्होंने आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ली है।
पशु अधिकार संगठनों ने इस अनुष्ठान को देखा, पर यह कहा कि अधिकारियों की मौजूदगी से कोर्ट के आदेशों का पालन हो रहा है। वहीं पुजारी इस रिवाज को अपने धर्म का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि यह बलि एक विशेष देवता को अर्पित की गई थी।
यह घटना उत्तर‑पूर्वी भारत में पारंपरिक रीति‑रिवाजों और कानूनी निगरानी के बीच के तनाव को उजागर करती है, जहाँ कई मंदिरों में प्राचीन प्रथाओं को न्यायालय की निगरानी में जारी रखा जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने भारत में पशु बलि को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट दिशा‑निर्देश जारी किए हैं, जिसमें केवल मान्यता प्राप्त मंदिरों में, मानवीय तरीकों से और सीमित आवृत्ति में ही बलि देना अनुमति है। मंदिर प्रबंधकों ने बताया कि उन्होंने आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ली है।
पशु अधिकार संगठनों ने इस अनुष्ठान को देखा, पर यह कहा कि अधिकारियों की मौजूदगी से कोर्ट के आदेशों का पालन हो रहा है। वहीं पुजारी इस रिवाज को अपने धर्म का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि यह बलि एक विशेष देवता को अर्पित की गई थी।
यह घटना उत्तर‑पूर्वी भारत में पारंपरिक रीति‑रिवाजों और कानूनी निगरानी के बीच के तनाव को उजागर करती है, जहाँ कई मंदिरों में प्राचीन प्रथाओं को न्यायालय की निगरानी में जारी रखा जा रहा है।