Politics
अंबा प्रसाद ने सरकारी आवास खाली करवा कर टेंट लगाकर दीपावली मनाने का किया घोषणा, रांची में राजनीतिक उथल-पुथल
कांग्रेस की नेत्री अंबा प्रसाद का रांची के सरकारी आवास बिना नोटिस खाली करवा दिया गया, उन्होंने टेंट लगाकर धरना दिया और दीपावली उसी घर में मनाने का इरादा जताया।
रांची, झारखंड – कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव तथा बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का सरकारी आवास जिला प्रशासन द्वारा बिना किसी पूर्व नोटिस के खाली करवा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद उन्होंने एचईसी आवास के बाहर टेंट लगाकर धरना देना शुरू किया और कहा कि चाहे जो भी हो, वह दीपावली उसी आवास में मनाएंगी।
अंबा प्रसाद ने बताया कि उनका निजी आवास नहीं है और उन्होंने किराये पर सरकारी आवास का अनुरोध किया था, जिसे पार्टी को भी सूचित किया गया था। दीपावली और उनके भाई की शादी की तैयारियों के ठीक पहले प्रशासन ने यह कदम उठाया, जिससे उन्हें ‘भेदभावपूर्ण’ और ‘अमानवीय’ कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
उन्होंने यह प्रश्न उठाया कि झारखंड के कई अन्य पूर्व विधायक अभी भी दो‑दो सरकारी बंगलों में रह रहे हैं, जबकि केवल उनके खिलाफ ही ऐसी सख्त कार्रवाई क्यों की गई। इस चयनात्मक उपाय को लेकर सरकार पर कठोर आलोचना की जा रही है।
यह घटना झारखंड की गठबंधन सरकार में भी खलबली मचा रही है, जहाँ कांग्रेस सहयोगी दल के रूप में भाग ले रही है। कांग्रेस नेत्री के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई से सरकार की नीति और सहयोगी दलों के प्रति व्यवहार पर सवाल उठे हैं।
वर्तमान में अंबा प्रसाद टेंट में ही धरना जारी रखी हैं और प्रशासनिक एवं राजनीतिक स्तर पर आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
अंबा प्रसाद ने बताया कि उनका निजी आवास नहीं है और उन्होंने किराये पर सरकारी आवास का अनुरोध किया था, जिसे पार्टी को भी सूचित किया गया था। दीपावली और उनके भाई की शादी की तैयारियों के ठीक पहले प्रशासन ने यह कदम उठाया, जिससे उन्हें ‘भेदभावपूर्ण’ और ‘अमानवीय’ कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
उन्होंने यह प्रश्न उठाया कि झारखंड के कई अन्य पूर्व विधायक अभी भी दो‑दो सरकारी बंगलों में रह रहे हैं, जबकि केवल उनके खिलाफ ही ऐसी सख्त कार्रवाई क्यों की गई। इस चयनात्मक उपाय को लेकर सरकार पर कठोर आलोचना की जा रही है।
यह घटना झारखंड की गठबंधन सरकार में भी खलबली मचा रही है, जहाँ कांग्रेस सहयोगी दल के रूप में भाग ले रही है। कांग्रेस नेत्री के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई से सरकार की नीति और सहयोगी दलों के प्रति व्यवहार पर सवाल उठे हैं।
वर्तमान में अंबा प्रसाद टेंट में ही धरना जारी रखी हैं और प्रशासनिक एवं राजनीतिक स्तर पर आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।