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28 सित. 2026•
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आधुनिक खेती से पुष्पेन्द्र कुमार ने बढ़ाई आमदनी, गांव के किसानों के लिए बने प्रेरणा स्रोत

आधुनिक खेती से पुष्पेन्द्र कुमार ने बढ़ाई आमदनी, गांव के किसानों के लिए बने प्रेरणा स्रोत

✍️ रिपोर्टर: Vishwanath Pratap Singh 🗓 03 सित. 2026, 01:16 AM 👁 122
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आधुनिक खेती से पुष्पेन्द्र कुमार ने बढ़ाई आमदनी, गांव के किसानों के लिए बने प्रेरणा स्रोत बनकर कृषि कार्य को एक नया आयाम दिया है जिससे आमदनी के साथ अपनी आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने तथा किसानों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है

कृषि हमारी अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शासन द्वारा आधुनिक कृषि एवं उद्यानिकी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के माध्यम से किसानों को उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना का लाभ लेकर ग्राम नगोई बछेरा के किसान श्री पुष्पेन्द्र कुमार पिता श्री अजय कुमार ने आधुनिक तकनीक से सब्जी उत्पादन कर अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाया है।
पारंपरिक खेती में मेहनत अधिक, आमदनी सीमित
विकासखंड पोड़ीउपरोड़ा अंतर्गत ग्राम नगोई बछेरा निवासी किसान पुष्पेन्द्र कुमार लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े हैं। पहले वे अपने खेत में पारंपरिक तरीके से सब्जियों की खेती करते थे। पारंपरिक पद्धति से खेती करने के कारण उन्हें अपेक्षित उत्पादन और लाभ नहीं मिल पाता था। मेहनत अधिक होने के बावजूद आमदनी सीमित रहती थी।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन ने दिखाई आधुनिक खेती की राह
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क और मार्गदर्शन मिलने के बाद पुष्पेन्द्र कुमार को आधुनिक सब्जी उत्पादन तकनीक की जानकारी मिली। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय बागवानी मिशन का लाभ लेते हुए अपने खेत में आधुनिक पद्धति से सब्जी उत्पादन करने का निर्णय लिया।
किसान के पास कुल 4.385 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें लगभग 4 हेक्टेयर सिंचित और 0.385 हेक्टेयर असिंचित भूमि है। उन्होंने योजना के तहत 0.800 हेक्टेयर क्षेत्र में कद्दू वर्गीय फसल करेला की खेती की। आधुनिक तकनीक अपनाने से उन्हें लगभग 60 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ।
1.60 लाख रुपये का शुद्ध लाभ
आधुनिक तरीके से सब्जी उत्पादन का परिणाम किसान के लिए बेहद उत्साहजनक रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस गतिविधि से श्री पुष्पेन्द्र कुमार को लगभग 1.60 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। अतिरिक्त आमदनी से उनके और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
योजना से मिला आत्मविश्वास, गांव के लिए बने प्रेरणा स्रोत
श्री पुष्पेन्द्र कुमार बताते हैं कि पहले वे सामान्य तरीके से खेती करते थे, लेकिन राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से उन्होंने आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाया। उद्यानिकी विभाग के सहयोग ने उन्हें नई तकनीक अपनाने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आज पुष्पेन्द्र कुमार अपने गांव में उद्यानिकी खेती के माध्यम से बेहतर लाभ अर्जित कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं। उनका अनुभव यह बताता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया जाए तो खेती को अधिक लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ उन्हें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की नई दिशा दी है।
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